आचार संहिता लागू होने के बाद भी नोहर पंचायत समिति में खुले विकास कार्यों के शिलालेख
राजस्थान में पंचायती राज चुनावों की घोषणा के बाद आदर्श आचार संहिता लागू है, लेकिन नोहर पंचायत समिति परिसर में विकास कार्यों के सूचना फलक और शिलालेख अब तक खुले हैं। जानिए, इस मामले में प्रशासन से क्या कार्रवाई की मांग उठ रही है।
राजस्थान में पंचायती राज चुनावों की घोषणा के बाद नोहर पंचायत समिति परिसर में विकास कार्यों और जनप्रतिनिधियों के नामों वाली पट्टिकाएं बिना ढकी दिखाई दे रही हैं, जिससे आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की आशंका जताई जा रही है।
राजस्थान में पंचायती राज चुनावों की घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है, लेकिन नोहर पंचायत समिति परिसर में विकास कार्यों से संबंधित सूचना फलक और पत्थर की पट्टिकाएं अब तक खुली हुई हैं। सरकारी भवन की दीवारों पर लगे इन शिलालेखों को नहीं ढके जाने से निर्वाचन निर्देशों की पालना को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
नोहर, 14 अक्टूबर। पंचायती राज चुनावों की घोषणा के बाद सरकारी भवनों पर प्रदर्शित विकास कार्यों से संबंधित सूचना फलक और शिलालेखों को लेकर नोहर पंचायत समिति परिसर की स्थिति चर्चा में है। परिसर की दीवारों पर लगे सूचना फलक अब तक खुले में दिखाई दे रहे हैं। इन पर दर्ज जानकारी सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित हो रही है।
पंचायत समिति परिसर में विभिन्न विकास कार्यों, उनके लोकार्पण और शिलान्यास से संबंधित जानकारी अंकित है। इन पट्टिकाओं पर जनप्रतिनिधियों के नाम भी दर्ज हैं। परिसर में एक से अधिक स्थानों पर ऐसे सूचना फलक लगे हुए हैं, जिन्हें अब तक ढका नहीं गया है।
चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के बाद सरकारी भवनों और सार्वजनिक धन से जुड़े प्रचार-प्रसार संबंधी निर्वाचन निर्देशों की पालना सुनिश्चित करना संबंधित प्रशासन की जिम्मेदारी है। ऐसे में नोहर पंचायत समिति परिसर में लगे इन सूचना फलक को लेकर यह सवाल उठ रहा है कि अब तक इन्हें ढकने के लिए क्या कार्रवाई की गई है।
मामले में संबंधित अधिकारियों से स्थिति स्पष्ट करने और निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करने की मांग उठ रही है। साथ ही यह स्पष्ट करने की मांग भी की जा रही है कि इन पट्टिकाओं को ढकने या उनकी मौजूदा स्थिति बनाए रखने के संबंध में कोई आदेश जारी किया गया है या नहीं।
अब संबंधित अधिकारियों की कार्रवाई पर नजर रहेगी कि वे मामले में संज्ञान लेकर निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आदर्श आचार संहिता की पालना सुनिश्चित करवाते हैं या नहीं।