तस्वीर में एक महिला अभिनेता ममूटी का तिलक लगाकर और तिरंगा अंगवस्त्र पहनाकर स्वागत कर रही है।

मलयालम सुपरस्टार ममूटी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह के दौरान माथे पर तिलक लगवाते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने उनके धर्म को लेकर सवाल उठाए और तिलक लगवाने को इस्लाम के खिलाफ बताया। वहीं, कई फैंस ने ममूटी का बचाव करते हुए उनकी उपलब्धि का जश्न मनाने की बात कही। फिल्ममेकर और एक्टर हरिश्री यूसुफ ने भी ऐसे कमेंट्स पर प्रतिक्रिया दी।

ममूटी को हाल ही गुजरात में आयोजित 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में ‘ब्रह्मयुगम’ के लिए बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड मिला। एकता नगर, केवड़िया में आयोजित समारोह में पहुंचे 75 साल के ममूटी का एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से सर्कुलेट हो रहा है। समारोह में स्वागत के दौरान एक महिला उनके माथे पर तिलक लगा रही है। ममूटी चेहरे पर मुस्कुराहट के साथ इस सत्कार का सम्मान करते दिखाई दे रहे हैं।

‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ के यूट्यूब पेज पर पोस्ट किए गए वीडियो में सफेद शर्ट और क्रीम कलर की पैंट पहने ममूटी राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह में पहुंचते दिखाई देते हैं। वहां फूलों का गुलदस्ता देकर उनका स्वागत किया जाता है। इसके बाद एक महिला उनके माथे पर तिलक लगाती है और गले में तिरंगे का ‘थोरथु’ डालकर उनका सत्कार करती है।

वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद खासकर X और इंस्टाग्राम पर कुछ यूजर्स ने मलयालम भाषा में ममूटी की आलोचना की। एक यूजर ने लिखा, ‘ममूटी से यह उम्मीद नहीं थी। उन्होंने मुसलमानों का अपमान किया है।’ दूसरे यूजर ने सवाल उठाया, ‘मुसलमान होकर तिलक लगा रहे, यह इस्लाम के खिलाफ है।’ हालांकि कई फैंस ने ममूटी का बचाव भी किया। उन्होंने कहा कि उनकी उपलब्धि का जश्न मनाया जाना चाहिए, न कि धर्म के नाम पर बांटने का काम किया जाना चाहिए।

इस विवाद के बीच फिल्ममेकर और एक्टर हरिश्री यूसुफ ने ममूटी के समर्थन में एक वीडियो पोस्ट किया। यूसुफ ने एक खास कमेंट का जिक्र करते हुए उस यूजर की आलोचना की और ट्रोलर की तुलना ‘कुएं का मेंढक’ से की। उन्होंने कहा, ‘आप क्रॉस बनाते हैं, तिलक लगाते हैं या झुककर प्रार्थना करते हैं। यह सब ईश्वर के प्रति होता है। यह हमारे रचयिता के प्रति प्यार दिखाता है। तिलक मेहमानों के स्वागत का एक पारंपरिक तरीका है।’

हरिश्री यूसुफ ने आगे कहा, ‘हमारा भारत एक महान देश है। आप जैसे लोग ही सांप्रदायिक बंटवारा पैदा करते हैं। दोबारा ऐसा कुछ न करें। ममूटी ने धर्म और काम से परे दान-पुण्य के जरिए समाज में योगदान दिया है। वह कई साल से हेल्थकेयर का समर्थन करने वाले संगठनों की मदद कर रहे हैं।’

वर्कफ्रंट की बात करें तो दुलकर सलमान के पिता और दिग्गज एक्टर ममूटी इसी साल स्पाई-एक्शन फिल्म ‘पेट्रियट’ में नजर आए थे। इसके अलावा उन्होंने ‘चाथा पाचा’ और ‘लॉ एंड ऑर्डर’ में कैमियो भी किया। आगे वह धनुष के साथ तमिल फिल्म ‘ओम चैप्टर 1: उधिरम - द ब्लड वुड’ और मलयालम में ‘पदयात्रा’, ‘मेला’ और ‘मट्टनचेरी माफिया’ में नजर आने वाले हैं।

ममूटी के तिलक वाले वीडियो पर सोशल मीडिया प्रतिक्रियाओं ने जहां धार्मिक पहचान को लेकर सवाल खड़े किए, वहीं उनके प्रशंसकों और हरिश्री यूसुफ की प्रतिक्रियाओं ने इसे स्वागत की परंपरा और कलाकार की उपलब्धि से जोड़कर देखा। इस पूरे घटनाक्रम ने राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह के दौरान हुए उनके स्वागत को सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना दिया है।