दिल्ली में कांवड़ यात्रा शुरू: 1800 ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात, 8 प्रमुख रूट तय, 9–11 अगस्त तक कई सड़कें रहेंगी प्रभावित|

दिल्ली में कांवड़ यात्रा के मद्देनजर ट्रैफिक पुलिस ने 1800 से अधिक कर्मियों को तैनात किया है और आठ रूट निर्धारित किए हैं।

Update: 2026-07-30 06:00 GMT

दिल्ली में कांवड़ यात्रा के दौरान सड़कों पर कांवड़ियों की भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर ट्रैफिक पुलिस ने रूट डायवर्जन लागू किया है।

दिल्ली में पवित्र कांवड़ यात्रा के शुभारंभ के साथ ही राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने व्यापक प्रबंध किए हैं। यात्रा के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने और शिव भक्तों को किसी प्रकार की असुविधा से बचाने के लिए 1800 से अधिक ट्रैफिक कर्मियों को मैदानी इलाकों में तैनात किया गया है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस द्वारा जारी की गई आधिकारिक एडवाइजरी के अनुसार, यह यात्रा गुरुवार से शुरू हो रही है, जिसमें लाखों की संख्या में श्रद्धालु दिल्ली के रास्ते हरियाणा और राजस्थान की ओर प्रस्थान करेंगे। इस वृहद आयोजन में दिल्ली के स्थानीय कांवड़ियों की संख्या भी काफी अच्छी खासी होती है, जिन्हें सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।

यातायात विभाग के मुताबिक, कांवड़ यात्रा के मद्देनजर 9 से 11 अगस्त के बीच दिल्ली की सड़कों पर कांवड़ियों की सबसे अधिक भीड़ रहने की संभावना है। इस समयावधि के दौरान यातायात को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली की कई प्रमुख सड़कों पर वाहनों के आवागमन को पूरी तरह से बंद किया जा सकता है या फिर वैकल्पिक मार्गों की ओर डायवर्ट किया जा सकता है। ट्रैफिक पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कांवड़िए मुख्य तौर पर गाजीपुर बॉर्डर, भोपुरा बॉर्डर, महिपालपुर बॉर्डर, अप्सरा बॉर्डर, लोनी बॉर्डर, सोनिया विहार बॉर्डर और डीएलएफ बॉर्डर के जरिए राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश करेंगे। इन सभी प्रवेश द्वारों से आने के पश्चात वे विभिन्न निर्धारित स्थानीय मार्गों से होते हुए अन्य पड़ोसी राज्यों के लिए आगे बढ़ेंगे।

सुरक्षा और व्यवस्था की दृष्टि से ट्रैफिक पुलिस ने सभी चिन्हित मार्गों पर विशेष रूप से फोकस करने के लिए 300 से अधिक महत्वपूर्ण पॉइंट्स और समन्वय केंद्र बनाए हैं। इसके अतिरिक्त, हर बार की तरह इस वर्ष भी सेंट्रल, ईस्टर्न, नॉर्दर्न, नई दिल्ली, वेस्टर्न और सदर्न रेंज के अंतर्गत कुल 308 शिव शिविर स्थापित किए गए हैं, जहां श्रद्धालुओं के विश्राम और अन्य आवश्यक सुविधाओं का प्रबंध किया गया है। यात्रा को व्यवस्थित रखने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने कुल आठ प्रमुख रूट निर्धारित किए हैं, जिनका पालन करना अनिवार्य किया गया है।

हरियाणा और राजस्थान की ओर जाने वाले कांवड़ियों के लिए एनएच-48 यानी रजोकरी बॉर्डर का मार्ग मुख्य रूप से तय किया गया है। अप्सरा बॉर्डर से हरियाणा की दिशा में यात्रा करने वाले कांवड़िए शाहदरा फ्लाईओवर, सीलमपुर टी-पॉइंट, आईएसबीटी फ्लाईओवर, रानी झांसी रोड, बुलेवार्ड रोड, धौला कुआं और अपर रिज रोड से गुजरते हुए रजोकरी बॉर्डर के रास्ते हरियाणा पहुंचेंगे। इसी प्रकार, भोपुरा बॉर्डर की तरफ से आने वाले श्रद्धालु वजीराबाद रोड, लोनी गोल चक्कर फ्लाईओवर, गोकुलपुरी टी-पॉइंट, 66 फुटा रोड, सीलमपुर टी-पॉइंट, एनएच-44 और आईएसबीटी ब्रिज के रास्ते अपने गंतव्य की ओर अग्रसर होंगे।

भोपुरा बॉर्डर से आने वाले जिन शिव भक्तों को हरियाणा जाना है, वे वजीराबाद रोड, वजीराबाद ब्रिज, आउटर रिंग रोड, मुकरबा चौक और एनएच-44 से होते हुए सिंघु बॉर्डर पार करके हरियाणा पहुंचेंगे। इसके अलावा उनके पास मुकरबा चौक, मधुबन चौक, पीरागढ़ी और टिकरी बॉर्डर का मार्ग भी उपलब्ध रहेगा। बदरपुर बॉर्डर की ओर जाने वाले कांवड़िए महाराजपुर बॉर्डर, रोड नंबर-56, गाजीपुर बॉर्डर, एनएच-24, रिंग रोड और मथुरा रोड का इस्तेमाल करेंगे। कालिंदी कुंज की तरफ से आने वाले श्रद्धालु मथुरा रोड, मोदी मिल और मां आनंदमयी मार्ग से एमबी रोड होते हुए हरियाणा जा सकेंगे। वहीं न्यू रोहतक रोड से कमल टी-पॉइंट से टिकरी बॉर्डर तक का मार्ग भी निर्धारित किया गया है, ताकि यातायात बाधित न हो।

Similar News