मुख्य मुनि महावीर कुमार बने तेरापंथ धर्मसंघ के युवाचार्य

राजस्थान के लाडनूं में चातुर्मास प्रवास के दौरान आचार्य महाश्रमण ने मुख्य मुनि महावीर कुमार को उत्तराधिकारी के रूप में युवाचार्य पद पर मनोनीत करने की घोषणा की।

Update: 2026-07-27 11:02 GMT

मुंबई। जैन श्वेताम्बर तेरापंथ धर्मसंघ के इतिहास में सोमवार को एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया। तेरापंथ धर्मसंघ के आचार्य महाश्रमण ने अपने उत्तराधिकारी के रूप में मुख्य मुनि महावीर कुमार को युवाचार्य पद पर मनोनीत करने की घोषणा की। इस घोषणा के साथ ही तेरापंथ धर्मसंघ को अपना नया युवाचार्य प्राप्त हुआ।

यह ऐतिहासिक घोषणा राजस्थान के लाडनूं में आचार्य महाश्रमण के चातुर्मास प्रवास के दौरान हुई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में साधु-साध्वियों, समणी-समणियों तथा देशभर से पहुंचे श्रावक-श्राविकाओं की उपस्थिति रही। जैसे ही आचार्य महाश्रमण ने युवाचार्य मनोनयन की घोषणा की, पूरा परिसर "जय-जय ज्योतिचरण, जय महाश्रमण" के जयघोष से गूंज उठा। उपस्थित श्रद्धालुओं ने भावविभोर होकर इस निर्णय का स्वागत किया।

जैन श्वेताम्बर तेरापंथ धर्मसंघ की स्थापना आचार्य भिक्षु ने की थी। अनुशासन, मर्यादा और एक आचार्य की परंपरा तेरापंथ धर्मसंघ की प्रमुख विशेषताएं मानी जाती हैं। वर्तमान में आचार्य महाश्रमण धर्मसंघ के आचार्य हैं, जो अपने अहिंसा, नैतिकता, नशामुक्ति, सद्भावना और मानवता के संदेश के लिए देश-विदेश में व्यापक रूप से जाने जाते हैं। उनके नेतृत्व में धर्मसंघ ने आध्यात्मिक, नैतिक एवं सामाजिक जागरण के अनेक अभियान संचालित किए हैं।

मुख्य मुनि महावीर कुमार को युवाचार्य पद पर मनोनीत किया जाना तेरापंथ धर्मसंघ की परंपरा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। श्रद्धालुओं ने इसे धर्मसंघ के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक ऐतिहासिक निर्णय बताते हुए आचार्य महाश्रमण के प्रति अपनी कृतज्ञता एवं हर्ष व्यक्त किया।

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