फराह खान ने शाहरुख की 'मैं हूं ना' में श्रेया घोषाल को क्यों दिया मौका? बताया पूरा किस्सा
फराह खान ने खुलासा किया कि शाहरुख खान की फिल्म 'मैं हूं ना' में श्रेया घोषाल को चुनने पर इंडस्ट्री के कई लोगों ने सवाल उठाए थे। जानिए कैसे एक नई आवाज पर भरोसा करने का फैसला फिल्म के संगीत का अहम हिस्सा बना।
मुंबई स्थित घर में यूट्यूब व्लॉग बातचीत के दौरान (बाएं से दाएं) गायिका श्रेया घोषाल और फिल्म निर्माता फराह खान फिल्म 'मैं हूं ना' की यादें साझा करती हुईं।
फिल्म निर्माता और कोरियोग्राफर फराह खान ने खुलासा किया है कि वर्ष 2004 में रिलीज हुई शाहरुख खान की फिल्म 'मैं हूं ना' के लिए श्रेया घोषाल को गाने का मौका देने पर उन्हें फिल्म इंडस्ट्री के कई लोगों के सवालों और विरोध का सामना करना पड़ा था। उस समय श्रेया घोषाल इंडस्ट्री में नई थीं और उनकी पहली फिल्म 'देवदास' के गाने भी रिलीज नहीं हुए थे। इसके बावजूद फराह खान और संगीतकार अनु मलिक ने उनकी आवाज पर भरोसा जताया और उन्हें फिल्म के गानों के लिए चुना।
फराह खान हाल ही में अपने यूट्यूब व्लॉग के लिए श्रेया घोषाल के मुंबई स्थित घर पहुंचीं। इस दौरान दोनों ने फिल्म 'मैं हूं ना' से जुड़ी अपनी यादें साझा कीं और बताया कि किस तरह श्रेया को इस फिल्म में गाने का अवसर मिला था। बातचीत के दौरान फराह ने बताया कि उस समय इंडस्ट्री के कई लोगों ने उनके फैसले पर सवाल उठाए थे। कुछ लोगों को लगता था कि इतनी बड़ी शाहरुख खान की फिल्म के लिए किसी नए गायक को चुनना सही निर्णय नहीं है।
फराह खान ने बताया कि जब 'मैं हूं ना' के गानों की रिकॉर्डिंग हो रही थी, तब श्रेया घोषाल को व्यापक पहचान नहीं मिली थी। फिल्म 'देवदास' में उनकी गायकी अभी दर्शकों तक नहीं पहुंची थी। ऐसे में कई लोगों को संदेह था कि क्या वह शाहरुख खान जैसे बड़े सितारे की फिल्म के गानों के साथ न्याय कर पाएंगी। फराह के मुताबिक, उन्हें कई फोन आए और लोगों ने एक अनुभवहीन गायिका को मौका देने के फैसले पर सवाल उठाए। कुछ लोगों ने यह तक कहा कि उनका यह निर्णय बड़ी गलती साबित हो सकता है।
हालांकि, फराह खान और अनु मलिक श्रेया घोषाल की प्रतिभा को लेकर आश्वस्त थे। फराह ने बताया कि वह फिल्म के संगीत के लिए किसी स्थापित आवाज के बजाय एक नई और अलग पहचान वाली आवाज चाहती थीं। इसी वजह से उन्होंने श्रेया को चुनने का फैसला किया और विरोध के बावजूद अपने निर्णय पर कायम रहीं।
बातचीत में श्रेया घोषाल ने भी उस समय की अपनी झिझक का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि फिल्म में सुष्मिता सेन को पर्दे पर देखने के बाद उन्हें लगा कि क्या उनकी आवाज और गायकी फिल्म के दृश्यों के साथ न्याय कर पाएगी। श्रेया ने कहा, "जब मैंने पर्दे पर सुष्मिता को देखा... वह कितनी खूबसूरत लग रही थीं, तब मैं सोच रही थी कि क्या मैंने गानों के साथ न्याय किया है।"
फराह खान ने बताया कि फिल्म के शीर्षक गीत 'मैं हूं ना' में श्रेया के छोटे से हिस्से ने उन्हें काफी प्रभावित किया था। इस गाने में अमृता राव के लिए श्रेया ने जो हिस्सा गाया था, उसे सुनने के बाद फराह ने उन्हें सुष्मिता सेन पर फिल्माया गया गाना भी देने का फैसला किया। फराह ने श्रेया से कहा कि उन्होंने शीर्षक गीत में अमृता राव के लिए गाया गया छोटा-सा हिस्सा भी बहुत अच्छा गाया था और उसी प्रदर्शन के बाद उन्हें फिल्म में सुष्मिता सेन वाला गाना दिया गया।
अपने फैसले को याद करते हुए फराह ने कहा, "बहुत से लोगों ने मुझे फोन करके पूछा कि मैं इस नई लड़की को क्यों ले रही हूं और कहा कि मैं बहुत बड़ी गलती कर रही हूं। लेकिन मैंने कहा कि मुझे एक नई आवाज चाहिए।"
वर्ष 2004 की फिल्म 'मैं हूं ना' के लिए श्रेया घोषाल ने दो गाने रिकॉर्ड किए थे। इनमें फिल्म का शीर्षक गीत 'मैं हूं ना' और 'तुम्हे जो मैंने देखा' शामिल थे। फिल्म का संगीत अनु मलिक ने तैयार किया था, जबकि इसके गीत जावेद अख्तर ने लिखे थे। फराह खान के निर्देशन में बनी इस फिल्म में शाहरुख खान, सुष्मिता सेन, अमृता राव और जायद खान प्रमुख भूमिकाओं में नजर आए थे। फिल्म व्यावसायिक रूप से सफल रही और इसका संगीत भी इसकी यादगार विशेषताओं में शामिल रहा।
श्रेया घोषाल ने अपने पार्श्वगायन करियर की शुरुआत संजय लीला भंसाली की फिल्म 'देवदास' से की थी। इस फिल्म में उनके गायन के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ महिला पार्श्वगायिका का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला था, जो उनके शुरुआती करियर की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल रहा। पिछले दो दशकों में श्रेया ने भारतीय पार्श्वगायन में अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कई भाषाओं में गाने रिकॉर्ड किए हैं और फिल्मों के लिए गायन के साथ-साथ लाइव प्रस्तुतियों में भी सक्रिय हैं।
उनके आगामी प्रोजेक्ट्स में सोनी म्यूजिक इंडिया के साथ जुड़ा 'ऑल हार्ट्स टूर – लाइव एल्बम' शामिल है। इसके अलावा वह 'लव एंड वॉर', 'आशिकी 3' और 'रामायण' जैसी फिल्मों के पार्श्वगायन प्रोजेक्ट्स से भी जुड़ी हुई हैं।
फराह खान के इस खुलासे से यह सामने आया है कि 'मैं हूं ना' में श्रेया घोषाल को मौका देने का फैसला उस समय इंडस्ट्री के कई लोगों के संदेह के बावजूद लिया गया था। फिल्म के संगीत में उनकी भागीदारी ने आगे चलकर उनके करियर के शुरुआती महत्वपूर्ण पड़ावों में जगह बनाई।