तस्वीर में मुंबई के एक आधुनिक सिनेमाघर का सभागार दिख रहा है, जहां फिल्म 'धुरंधर: द रिवेंज' की सफलता के बाद प्रोजेक्शन और सीटों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है।

फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ की बॉक्स ऑफिस पर शानदार सफलता का असर अब भारतीय सिनेमाघरों के बुनियादी ढांचे और तकनीक पर भी दिखाई देने लगा है। रणवीर सिंह अभिनीत इस फिल्म ने टिकटों की बिक्री से आगे बढ़कर कई सिनेमाघर संचालकों को आर्थिक मजबूती दी है। इसकी बदौलत देश के अलग-अलग हिस्सों में सिनेमाघरों का नवीनीकरण किया जा रहा है। कहीं लेजर प्रोजेक्शन तकनीक लगाई जा रही है तो कहीं 3डी सुविधाओं और प्रीमियम बड़े पर्दों पर निवेश किया जा रहा है।

बॉलीवुड हंगामा की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ‘धुरंधर: द रिवेंज’ के शानदार सिनेमाघर प्रदर्शन से कई प्रदर्शकों को अतिरिक्त नकदी मिली। इससे सिनेमाघर मालिकों को अपने परिसरों के नवीनीकरण, आधुनिक प्रोजेक्शन प्रणालियों और बेहतर दर्शक सुविधाओं पर खर्च करने का अवसर मिला। यह घटनाक्रम दर्शाता है कि किसी बड़ी फिल्म की सफलता का लाभ केवल निर्माता और वितरक तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका असर पूरे सिनेमाघर कारोबार पर पड़ सकता है।

वर्ष 2025 में रिलीज हुई मूल फिल्म ‘धुरंधर’ बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफल साबित हुई थी। इसके बाद इसके सीक्वल ‘धुरंधर: द रिवेंज’ से भी काफी उम्मीदें थीं। फिल्म के दूसरे भाग ने भारत में 1,000 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार किया। इसके चलते अलग-अलग क्षेत्रों और विभिन्न प्रारूपों वाले सिनेमाघरों में दर्शकों की संख्या बढ़ी।

बॉलीवुड हंगामा से बातचीत में एक व्यापारिक सूत्र ने बताया कि टिकटों की कीमतों में काफी वृद्धि के बावजूद फिल्म दर्शकों को सिनेमाघरों तक लाने में सफल रही। आमतौर पर कुछ फिल्में सिंगल स्क्रीन सिनेमाघरों या मल्टीप्लेक्स में से किसी एक वर्ग में बेहतर प्रदर्शन करती हैं, लेकिन ‘धुरंधर: द रिवेंज’ ने देशभर के सिनेमाघरों में दर्शकों को आकर्षित किया।

सूत्र के अनुसार, फिल्म से हुए कारोबार ने कई प्रदर्शकों के लिए अतिरिक्त आर्थिक संसाधन उपलब्ध कराए, जिससे उन्हें अपने सिनेमाघरों की मरम्मत और सुधार का प्रोत्साहन मिला। कुछ सिनेमाघरों में नवीनीकरण का काम जुलाई और अगस्त के आसपास शुरू हुआ था। इनमें से कई सिनेमाघर दिवाली के दौरान ‘रामायण’ की रिलीज के साथ दोबारा खुल गए, जबकि कुछ अन्य सिनेमाघरों के नवीनीकरण का काम पूरा होने के बाद उनके फिर से शुरू होने की उम्मीद है।

हालांकि, सूत्र ने यह भी स्पष्ट किया कि नवीनीकरण अभियान के पीछे फिल्म की सफलता ही एकमात्र कारण नहीं थी और न ही सभी सिनेमाघरों ने इसके कारोबार से मिली रकम का इस्तेमाल सुधार कार्यों में किया। इसके बावजूद कई सिनेमाघरों के पुनरुद्धार और आधुनिकीकरण में फिल्म का योगदान महत्वपूर्ण बताया गया।

मुंबई में वर्ष 2026 के दौरान सिनेमाघरों के नवीनीकरण की गतिविधियां विशेष रूप से देखने को मिली हैं। शहर के कई पुराने और स्थापित सिनेमाघरों ने मरम्मत एवं सुधार कार्यों के लिए अस्थायी रूप से अपना संचालन बंद किया। इनमें रॉक्सी, सनसिटी, लालबाग स्थित जय हिंद और टोपीवाला जैसे सिनेमाघर शामिल हैं।

यह बदलाव केवल सिनेमाघरों की बाहरी सजावट तक सीमित नहीं है। गोरेगांव स्थित मूवीटाइम हब और मलाड स्थित मूवीटाइम ने अपने सभी पर्दों को लेजर प्रोजेक्शन तकनीक से अपग्रेड किया है। इस तकनीक से तस्वीरें अधिक स्पष्ट दिखाई देती हैं, चमक बेहतर होती है और पर्दे पर चित्रों की गुणवत्ता अधिक स्थिर रहती है। इससे दर्शकों को बेहतर दृश्य अनुभव मिल सकता है।

इसी तरह, अंधेरी ईस्ट स्थित मूवीमैक्स ने अपनी प्रोजेक्शन व्यवस्था को 2K तकनीक में अपग्रेड किया है। इस बदलाव के बाद यहां 3डी फिल्मों के साथ हॉलीवुड फिल्मों का प्रदर्शन भी संभव हो गया है। दिलचस्प बात यह है कि अपग्रेड किए गए इस सिनेमाघर में सबसे पहले 3डी फिल्म के रूप में ‘रामायण’ प्रदर्शित की गई।

दक्षिण मुंबई के न्यू एक्सेलसियर सिनेमाघर को भी अपग्रेड करने पर विचार किया जा रहा है, हालांकि इस योजना की अभी पुष्टि नहीं हुई है।

इस आधुनिकीकरण अभियान में सनसिटी का नया एलईडी पर्दा भी प्रमुख आकर्षण है। सिनेमाघर ने मैग्नोवा एलईडी स्क्रीन लगाई है। यह प्रीमियम लार्ज फॉर्मेट (PLF) डिस्प्ले प्रणाली है, जिसे उन्नत स्क्रीन तकनीक के माध्यम से दर्शकों को बेहतर सिनेमाई अनुभव देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।

इस तकनीक को यूएफओ सिनेमा सॉल्यूशंस ने पेश किया है। अगस्त 2026 में कोच्चि के मैजिक फ्रेम्ज में इस प्रणाली की भारत में पहली शुरुआत हुई थी। माना जा रहा है कि सनसिटी देश का दूसरा सिनेमाघर है, जिसने इस तकनीक को अपनाया है।

सिनेमाघरों में प्रीमियम प्रदर्शन प्रारूपों की बढ़ती मांग के बीच प्रदर्शक आधुनिक तकनीक पर निवेश कर रहे हैं। दर्शक अब बेहतर तस्वीर की गुणवत्ता, प्रभावशाली ध्वनि और आरामदायक बैठने की व्यवस्था की अपेक्षा कर रहे हैं। ऐसे में सिनेमाघर संचालक अपने परिसरों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने पर ध्यान दे रहे हैं।

आधुनिकीकरण की यह प्रक्रिया बड़े मल्टीप्लेक्स नेटवर्क तक भी पहुंच चुकी है। बॉलीवुड हंगामा की रिपोर्ट के अनुसार, पीवीआर आईनॉक्स सिनेमाज ने देशभर में लगभग 150 पर्दों को 3डी तकनीक से अपग्रेड किया है। यह कदम ‘रामायण’ की अतिरिक्त 3डी स्क्रीनिंग की व्यवस्था करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

इस निवेश से संकेत मिलता है कि प्रदर्शक बड़े स्तर पर रिलीज होने वाली फिल्मों के लिए अपने सिनेमाघरों की तकनीकी क्षमता बढ़ा रहे हैं। विशेष दृश्य प्रभावों और बड़े पैमाने पर तैयार की गई फिल्मों को 3डी प्रारूप में दिखाने से दर्शकों को अलग अनुभव मिल सकता है। ऐसे में आधुनिक स्क्रीन और प्रोजेक्शन तकनीक सिनेमाघरों के लिए महत्वपूर्ण होती जा रही है।

सिनेमाघरों में हो रहे इन बदलावों के पीछे दर्शकों की बदलती अपेक्षाएं भी एक प्रमुख कारण हैं। ओटीटी मंचों पर घर बैठे फिल्में देखने की सुविधा बढ़ने के साथ सिनेमाघरों के सामने दर्शकों को बड़े पर्दे तक आकर्षित करने की चुनौती है। इसके लिए आधुनिक प्रोजेक्शन, 3डी तकनीक, प्रीमियम डिस्प्ले और बेहतर सुविधाओं पर ध्यान दिया जा रहा है।

‘धुरंधर: द रिवेंज’ की व्यावसायिक सफलता ने इस दिशा में कई सिनेमाघर संचालकों को निवेश के लिए प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हालांकि, उद्योग में चल रहे नवीनीकरण अभियान का पूरा श्रेय इस फिल्म को नहीं दिया जा सकता, लेकिन इसके कारोबार ने सिनेमाघर क्षेत्र के कई हिस्सों पर सकारात्मक प्रभाव डाला है। इस तरह फिल्म की सफलता का असर उसके बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन से आगे बढ़कर भारतीय सिनेमाघरों के आधुनिकीकरण तक पहुंचा है।

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