हरियाणा के फतेहाबाद में स्थित आजाद नगर में मीना कुमारी बच्चों और महिलाओं को पढ़ाकर शिक्षित कर रही हैं।

हरियाणा के फतेहाबाद में आजाद नगर की रहने वाली मीना कुमारी पिछले 10 वर्षों से जरूरतमंद महिलाओं को अक्षर ज्ञान देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में जुटी हैं। गृहिणी होने के साथ समाजसेवा का संकल्प निभा रहीं मीना कुमारी महिलाओं को पढ़ना-लिखना सिखाने के साथ जरूरतमंद परिवारों और बीमार मरीजों की सहायता भी कर रही हैं।

मीना कुमारी ने बीए तक शिक्षा हासिल की है। वह अपने पति पंजाब सिंह के सहयोग से जरूरतमंद परिवारों की मदद करती हैं। उनका प्रयास है कि अभावों में जीवन गुजारने वाली महिलाएं भी पढ़ना-लिखना सीखें और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकें।

फतेहाबाद के आजाद नगर में बड़ी संख्या में ऐसे परिवार रहते हैं, जिनकी आजीविका दिहाड़ी मजदूरी पर निर्भर है। आर्थिक तंगी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण कई महिलाओं को बचपन में स्कूल जाने का अवसर नहीं मिल पाया। समय के साथ पढ़ना-लिखना नहीं आने की समस्या उनके लिए रोजमर्रा के कामों में भी परेशानी पैदा करती है।

इस जरूरत को समझते हुए मीना कुमारी ने महिलाओं को अक्षर ज्ञान देने का बीड़ा उठाया। वह पिछले 10 वर्षों से इस कार्य में लगी हैं। उनका मानना है कि शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति को आत्मविश्वास और आत्मसम्मान के साथ जीवन जीने की ताकत देती है। पढ़ना-लिखना सीखने से महिलाएं अपने जरूरी काम बेहतर ढंग से कर सकती हैं और दूसरों पर निर्भरता भी कम कर सकती हैं।

बीए तक पढ़ाई, घर की जिम्मेदारियों के साथ समाजसेवा का संकल्प

मीना कुमारी स्वयं बीए पास हैं। शिक्षा के महत्व को समझते हुए उन्होंने जरूरतमंद महिलाओं को पढ़ने-लिखने के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया। गृहिणी होने के नाते घर-परिवार की जिम्मेदारियां निभाने के साथ वह समाजसेवा के लिए भी समय निकालती हैं। उनके लिए यह कार्य किसी औपचारिक जिम्मेदारी से बढ़कर है।

मीना कुमारी का मानना है कि यदि समाज का हर व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार जरूरतमंदों की मदद करने लगे, तो अनेक लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। महिलाओं को अक्षर ज्ञान देने का उनका प्रयास इसी सोच का उदाहरण है। वह चाहती हैं कि जिन महिलाओं को परिस्थितियों के कारण शिक्षा से दूर रहना पड़ा, उन्हें सीखने का अवसर मिले और वे अपने जीवन में आगे बढ़ सकें।

पति के साथ जरूरतमंद परिवारों की मदद में भी जुटीं

मीना कुमारी की सेवा भावना महिलाओं को शिक्षित करने तक सीमित नहीं है। वह अपने पति पंजाब सिंह के साथ मिलकर जरूरतमंद परिवारों की सहायता भी करती हैं। जरूरत पड़ने पर बीमार मरीजों को भोजन उपलब्ध कराने सहित अन्य आवश्यक मदद पहुंचाने का प्रयास किया जाता है।

उनका मानना है कि जरूरतमंद व्यक्ति की परेशानी को समझना और कठिन समय में उसका साथ देना ही सच्ची समाजसेवा है। महिलाओं को शिक्षा से जोड़ने और जरूरतमंद परिवारों की सहायता करने की उनकी पहल आजाद नगर में समाजसेवा के प्रति उनकी निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है।