हरियाणा के प्राथमिक विद्यालयों में सफाई के लिए 8000 रुपये का बजट, शिक्षा विभाग ने जारी किया रिमाइंडर
स्वच्छ प्रांगण योजना के तहत लंबित बजट आवंटन में तेजी लाने के लिए विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने जिला अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।
हरियाणा के सरकारी प्राथमिक विद्यालय परिसर में स्वच्छता अभियान के तहत सफाई कार्य करतीं महिलाएं।
हरियाणा के राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में सफाई व्यवस्था, शौचालयों की स्वच्छता और जल निकासी को दुरुस्त रखने के लिए शिक्षा विभाग ने प्रति विद्यालय हर महीने 8,000 रुपये खर्च करने के निर्देश दिए हैं। इस बजट के आवंटन में देरी को लेकर विद्यालय शिक्षा निदेशालय, हरियाणा ने 13 अक्टूबर को रिमाइंडर जारी कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
जागरण संवाददाता, नूंह के अनुसार, निदेशालय ने सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों और खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजकर विद्यालयों में स्वच्छता संबंधी कार्य सुनिश्चित करने को कहा है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन जिलों में संबंधित विद्यालयों को अब तक पूरी राशि आवंटित नहीं की गई है, वहां शेष बजट जल्द जारी किया जाए।
शैक्षणिक सत्र 2026-27 के दौरान उन राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जानी है, जहां पार्ट टाइम वर्कर कार्य नहीं कर रहे हैं। निदेशालय के पत्र के अनुसार, इन विद्यालयों में स्कूल परिसर, छत, शौचालय और खेल मैदान की सफाई करानी होगी। इसके साथ ही जलभराव रोकने और पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था भी करनी होगी।
इस उद्देश्य के लिए शिक्षा विभाग पहले ही प्रति विद्यालय प्रति माह 8,000 रुपये की दर से बजट जारी कर चुका है। यह राशि विभाग के बजट मद के अंतर्गत स्वर्ण जयंती कार्यक्रम की स्वच्छ प्रांगण योजना के लिए निर्धारित की गई है।
निदेशालय ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पहले जारी की गई राशि संबंधित विद्यालयों को आवंटित कर निर्धारित सफाई कार्य करवाए जाएं। साथ ही, खर्च की जाने वाली राशि का उपयोग केवल तय उद्देश्यों के लिए ही सुनिश्चित किया जाए।
शिक्षा विभाग की बजट शाखा से 12 अक्टूबर को प्राप्त रिपोर्ट का हवाला देते हुए पत्र में कहा गया है कि जिन जिलों में अब तक पूरी राशि आवंटित नहीं हुई है, वहां शेष बजट संबंधित विद्यालयों को जल्द जारी किया जाए।
विभाग का उद्देश्य राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में नियमित साफ-सफाई बनाए रखना, शौचालयों और परिसर की स्वच्छता सुनिश्चित करना तथा विद्यार्थियों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना है। ऐसे में निदेशालय ने बजट आवंटन और निर्धारित कार्यों को समय पर पूरा करने पर जोर दिया है।