तस्वीर में डीग में आयोजित ब्लॉक स्तरीय चिकित्सा अधिकारियों की बैठक के दौरान अधिकारी चर्चा करते हुए दिखाई दे रहे हैं।

डीग में बुधवार, 12 अगस्त को उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डीग डॉ. मान सिंह की अध्यक्षता में ब्लॉक स्तरीय चिकित्सा अधिकारियों एवं महिला स्वास्थ्य कर्मियों की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा करते हुए उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मान सिंह ने कार्यक्रमों में गति लाने के निर्देश देते हुए बताया कि गैर-संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत 30 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों की बीपी, शुगर और कैंसर जैसी बीमारियों की स्क्रीनिंग बढ़ाई जाए। स्क्रीन किए गए मरीजों का डेटा तुरंत पोर्टल पर ऑनलाइन फीड करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में वर्षा ऋतु के मद्देनजर मौसमी बीमारियों, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी, गैर-संचारी रोगों और मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम की प्रगति पर गहन चर्चा की गई। इस दौरान चार बिंदुओं पर विशेष रणनीति तैयार की गई।

डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और मौसमी बुखार की रोकथाम के लिए फील्ड स्टाफ को एक्टिव सर्विलांस के निर्देश दिए गए। बीसीएमओ ने कहा कि बुखार के हर मरीज की रक्त पट्टिका अनिवार्य रूप से बनाई जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में एंटी-लार्वा गतिविधियों यानी सोर्स रिडक्शन में तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए।

हाई रिस्क प्रेग्नेंसी के संबंध में प्रसव के समय इन महिलाओं के लिए जिला अस्पताल स्तर पर रक्त की अग्रिम व्यवस्था और सुरक्षित संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जिला प्रजनन एवं शिशु रोग अधिकारी डॉ. धर्मवीर फौजदार ने मातृ मृत्यु दर को कम करने के लिए उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान और शत-प्रतिशत लाइन-लिस्टिंग करने के निर्देश दिए।

मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. रामअवतार शर्मा ने आयुष्मान आरोग्य मंदिरों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आने वाले तनाव, अवसाद या अन्य मानसिक समस्याओं से पीड़ित मरीजों की उचित काउंसलिंग करने तथा गंभीर मामलों को विशेषज्ञ उपचार के लिए जिला अस्पताल रेफर करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि टेली मानस के टोल फ्री नंबर 18008914416 एवं 14416 पर कॉल कर मानसिक स्वास्थ्य परामर्श एवं काउंसलिंग प्राप्त की जा सकती है।

बैठक में टीबी मुक्त राजस्थान कार्यक्रम एवं एनीमिया मुक्त राजस्थान कार्यक्रम के तहत भी सभी स्वास्थ्य कर्मियों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए निर्देश दिए गए। बैठक में दिए गए निर्देशों का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी, रोगों की समय पर पहचान और संबंधित स्वास्थ्य कार्यक्रमों के बेहतर क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना रहा।

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