डीग जिला कोर्ट परिसर में गांधी-शास्त्री जयंती पर पौधारोपण और समीक्षा बैठक
संरक्षक न्यायाधिपति अनुरूप सिंघी की अध्यक्षता में राष्ट्रीय लोक अदालत, मध्यस्थता और विधिक सेवा समितियों के कार्यों की समीक्षा की गई।
डीग न्यायालय परिसर में संरक्षक न्यायाधिपति और न्यायिक अधिकारी पौधारोपण करते हुए दिख रहे हैं।
डीग, 2 अक्टूबर। जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर डीग में 2 अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती तथा ‘अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस’ के अवसर पर विशेष स्मृति कार्यक्रम, पौधारोपण एवं विधिक सेवा कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। समस्त कार्यक्रमों की अध्यक्षता जिला डीग के संरक्षक न्यायाधिपति अनुरूप सिंघी ने की।
कार्यक्रम के प्रारंभ में जिला एवं सत्र न्यायाधीश हेमराज गौड़ ने संरक्षक न्यायाधिपति अनुरूप सिंघी का स्वागत एवं अभिनंदन किया। समारोह का विधिवत शुभारंभ संरक्षक न्यायाधिपति अनुरूप सिंघी तथा जिला एवं सत्र न्यायाधीश हेमराज गौड़ ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के चित्रों के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद न्यायाधिपति एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने दोनों महान विभूतियों के चित्रों पर पुष्प अर्पित किए। उपस्थित समस्त न्यायिक अधिकारीगण, लीगल एड डिफेंस काउंसिल के पदाधिकारियों एवं न्यायालय कर्मियों ने भी पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
न्यायाधिपति अनुरूप सिंघी ने अपने संबोधन में कहा कि गांधी जी के सत्य, अहिंसा व समरसता के विचार और शास्त्री जी की सादगी, ईमानदारी व कर्तव्यनिष्ठा पूरे राष्ट्र के लिए सदैव प्रेरणादायी हैं। समाज के अंतिम छोर पर खड़े निर्धन एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक सुलभ व निष्पक्ष न्याय पहुंचाना ही इन महापुरुषों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
गांधी जयंती के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण और हरित परिसर की दिशा में कदम बढ़ाते हुए संरक्षक न्यायाधिपति अनुरूप सिंघी तथा जिला एवं सत्र न्यायाधीश हेमराज गौड़ ने न्यायालय परिसर में पौधारोपण किया। उपस्थित न्यायिक अधिकारीगण ने भी पौधारोपण कर पर्यावरण संतुलन एवं पौधों के उचित संरक्षण व देखभाल का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के पश्चात संरक्षक न्यायाधिपति की अध्यक्षता में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) डीग एवं तालुका विधिक सेवा समितियों (TLSC) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत, मध्यस्थता प्रक्रिया तथा तालुका विधिक सेवा समितियों की कार्यप्रणाली से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं की समीक्षा की गई।
10 अक्टूबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल संचालन के लिए राजीनामा योग्य लंबित एवं प्री-लिटिगेशन मामलों को अधिक से अधिक संख्या में चिन्हित कर पक्षकारों को समय पर नोटिस तामील कराने तथा पूर्व-बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए गए, ताकि अधिक से अधिक प्रकरणों का सौहार्दपूर्ण निस्तारण हो सके।
विवादों के त्वरित, सुलभ एवं स्थायी समाधान के लिए मध्यस्थता प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने पर बल दिया गया। पारिवारिक, वैवाहिक, दीवानी व वित्तीय मामलों को प्राथमिकता से मध्यस्थता के लिए संदर्भित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में डीग जिले की समस्त तालुका विधिक सेवा समितियों—ब्रजनगर, कामां, कुम्हेर, सीकरी एवं पहाड़ी की कार्यप्रणाली, विधिक सहायता क्लिनिक एवं आवश्यक आधारभूत सुविधाओं की गहन समीक्षा की गई।
इस अवसर पर सुबोध पाराशर अध्यक्ष बार एसोसिएशन डीग, पूर्व अध्यक्ष हरे कृष्णा शर्मा, मनोज बंसल एडवोकेट, प्रवीण चौधरी, लखन कुंतल सहित दर्जनों अधिवक्ताओं ने श्रद्धा सुमन अर्पित किए। गांधी-शास्त्री जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम ने स्मृति, पर्यावरण संरक्षण और विधिक सेवा से जुड़े कार्यों को एक साथ मंच प्रदान किया।