तस्वीर में डीग में कांग्रेस पार्टी के नेता और कार्यकर्ता हाथों में झंडे लेकर विरोध मार्च निकालते हुए सड़क पर आगे बढ़ रहे हैं।

डीग, 29 सितंबर। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर कांग्रेस कमेटी डीग के जिलाध्यक्ष राजीव चौधरी के नेतृत्व में मंगलवार को बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थल से जिला कलेक्टर कार्यालय डीग तक विरोध मार्च निकाला गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता, पारदर्शिता और लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया तथा जिला कलेक्ट्रेट का घेराव किया।

प्रदर्शन के दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पुतलों का भी दहन किया गया।

जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव चौधरी ने कहा कि कांग्रेस लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता तथा चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर लगातार आवाज उठाती रही है। कांग्रेस का कहना है कि निर्वाचन प्रक्रिया में मतदाताओं के अधिकार और निष्पक्ष चुनाव सर्वोच्च महत्व रखते हैं।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि पिछले करीब 10 महीनों के दौरान निर्वाचन आयुक्त डॉ. विवेक जोशी एवं डॉ. सुखबीर सिंह संधू द्वारा मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के समक्ष लिए गए कुछ एकतरफा निर्णयों को लेकर कम से कम 14 बार औपचारिक आपत्तियां दर्ज की गई हैं।

पूर्व प्रधान जलीस ख़ान ने विशेष रूप से स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन की प्रक्रिया, नए मतदाताओं को जोड़ने, मतदाता सूची से नाम हटाने तथा निर्वाचन आयोग की आईटी प्रणाली को दिल्ली में केंद्रीकृत करने जैसे मुद्दे उठाए। कांग्रेस नेताओं के अनुसार, फॉर्म नंबर 6 में आंशिक संशोधन कर वर्ष 2002 की मतदाता सूची के आधार पर नाम दर्ज करने तथा फॉर्म नंबर 7 के संदर्भ में एसडीएम को व्यापक शक्तियां दिए जाने से पारदर्शिता और संवैधानिक प्रक्रिया को लेकर चिंताएं पैदा हुई हैं।

महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष श्वेता यादव ने भी अपने विचार रखे। खेल प्रकोष्ठ अध्यक्ष महमूदा रवान डीग ने कहा कि लोकसभा में इस प्रकार का कानून पारित होना, जिसमें निर्वाचन आयोग द्वारा कथित असंवैधानिक कार्यों, वोट चोरी तथा नागरिकों के अधिकारों से संबंधित मामलों में प्रत्यक्ष कार्रवाई का अभाव हो, लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है। संगठन महासचिव गजराज सिंह ने भी इस विषय पर अपनी बात रखी। पंकज भूषण, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष डीग, ने पूरे मामले में जवाबदेही, पारदर्शिता और संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने की मांग की।

इस अवसर पर भवानी शंकर शर्मा, जिला परिषद सदस्य मोहन सिंह अलीपुर और प्रेम सिंह प्रजापत ने भी अपने विचार रखे।

प्रदर्शन के दौरान अमीन सरपंच, संजीव चौधरी, जीतू यादव, राजकुमार कठेरा, पूरनसिंह बढ़ेसरा, इनामुल हसन, एम. जुबैर, मूलचंद पोईया, चन्द्रशेखर बोरेई, एडवोकेट विक्रम सिंह, एडवोकेट गदालपुर, दीपेन्द्र सिंह, पवन प्रधान, उदय सिंह आजऊ, रवि शर्मा, अली मोहम्मद, कमल सिंह, अनुराग सिंह पला, अशोक शर्मा, देवेन्द्र सिंह पहाड़ी, फज्जर खान कामां, अजीत सिंह, एडवोकेट केहरी सिंह, श्रीराम चुलहेरा, महावीर गुर्जर, रामस्वरूप परभाती, यदुवीर सिनसिनी, हंसा सरपंच, बच्चू सिंह पास्ता, बबली खोह, गुलशाद खान, राजू मीणा, रघुवीर पटवारी, छीतर सिंह कसौदा, राजेश कुमार मीणा, नगर अध्यक्ष श्रीकांत शर्मा, दिनेश मोनी, पहलवान चंदन सिंह कनवाड़ा, भरत सैन, करण सिंह पूंछरी, दिलशेर खान, परवेज खान, मनीष चखवान, खेमचंद गुर्जर, प्रशांत चौधरी, भरत, रामवीर सिंह, सिद्धू सिंह, हरिओम सिंह, मानवेन्द्र सिंह, दिनेश सिनसिनी, चंदन कामां, प्रताप सिंह, रामफल अयूब, रामभरोसी बोहरा, अजय भटावली, गुलाब भटावली, शाजिद एडवोकेट, मुकेश कुमार, कुशलपाल सिंह, नवल सिंह सोनलाल भारती, रामकिशोर सूबेदार, कलुआराम, महारावर, नैमचंद, चन्द्रशेखर एडवोकेट, सतीश चंद, डॉ. कुंवरपाल सिंह, आनंद यादव, रूपसिंह, सरदार सिंह आजऊ सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी मौजूद थे।

Tags: