तस्वीर में भरतपुर के विद्यालय में 'वंदे मातरम्' के सामूहिक गान के दौरान खड़े छात्र नजर आ रहे हैं।   

डीग में 25 सितंबर को भारत की स्वतंत्रता चेतना और राष्ट्रभक्ति के इतिहास में गौरवपूर्ण स्थान रखने वाले ‘वन्दे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर बालिका उच्च प्राथमिक आदर्श विद्या मंदिर में विशेष राष्ट्रभक्ति कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के समस्त छात्र-छात्राओं, शिक्षकगण एवं अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

कार्यक्रम का शुभारंभ माँ भारती के वंदन और ‘वन्दे मातरम्’ के सामूहिक गायन से हुआ। सैकड़ों कंठों से एक साथ गूंजे ‘वन्दे मातरम्’ ने विद्यालय परिसर को राष्ट्रप्रेम और राष्ट्रीय चेतना के भाव से भर दिया।

कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि 7 नवम्बर 1875 को बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित ‘वन्दे मातरम्’ ने आगे चलकर भारतीय जनमानस में राष्ट्रभक्ति की नई चेतना जगाई। यह गीत उनके प्रसिद्ध उपन्यास ‘आनन्दमठ’ में भी प्रकाशित हुआ। इसकी पंक्तियों में भारतभूमि को माँ के रूप में नमन करते हुए शक्ति, भक्ति और समर्पण का भाव व्यक्त किया गया है।

स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान ‘वन्दे मातरम्’ केवल गीत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राष्ट्रीय जागरण और स्वाधीनता संघर्ष का प्रेरणादायी स्वर बन गया। विशेष रूप से 1905 के स्वदेशी आंदोलन में इसके उद्घोष ने जनमानस में देशप्रेम की भावना को और प्रबल किया। स्वतंत्रता सेनानियों और देशवासियों के लिए यह गीत मातृभूमि के प्रति समर्पण का प्रतीक बन गया।

24 जनवरी 1950 को संविधान सभा की अंतिम बैठक में ‘वन्दे मातरम्’ को राष्ट्रगीत के रूप में स्वीकार किया गया। इसके गौरवशाली सफर के 150 वर्ष पूर्ण होना भारतीय इतिहास और राष्ट्रीय चेतना के लिए महत्वपूर्ण अवसर बताया गया।


 


कार्यक्रम में पधारे सभी विशिष्ट अतिथियों एवं गणमान्यजनों का परिचय विद्यालय के प्रधानाचार्य राजेश कुमार शर्मा ने कराया। इसके बाद व्यवस्थापक देवेंद्र बंसल ने सभी अतिथियों को दुपट्टा पहनाकर आत्मीय एवं गरिमापूर्ण स्वागत-सम्मान किया। अतिथियों के सम्मान के इस अवसर ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता मुकेश कुमार शर्मा, प्राचार्य महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम विद्यालय, डीग, ने अपने उद्बोधन में ‘वन्दे मातरम्’ के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह गीत मातृभूमि के प्रति श्रद्धा, भक्ति और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध की प्रेरणा देता है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र की एकता, संस्कृति और गौरव को बनाए रखने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि अरुण कुमार दुबे, अध्यक्ष कश्मीर लाल अरोड़ा, जिला सचिव संतोष कटारा, व्यवस्थापक देवेंद्र बंसल, अतिथि जय भगवान सहित अन्य गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

इस अवसर पर उपस्थित अभिभावकों ने भी विद्यार्थियों के साथ सामूहिक गायन में सहभागिता की। विद्यार्थियों में पूरे कार्यक्रम के दौरान उत्साह और राष्ट्रभक्ति की भावना दिखाई दी।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर विद्यालय परिवार ने संदेश दिया कि ‘वन्दे मातरम्’ की 150 वर्ष की यात्रा केवल इतिहास की स्मृति नहीं, बल्कि वर्तमान और भावी पीढ़ी को राष्ट्रप्रेम, एकता और मातृभूमि के प्रति अपने कर्तव्यों का स्मरण कराने वाली प्रेरणादायी यात्रा है। अंत में सभी अतिथियों, अभिभावकों, शिक्षकगण एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया गया।

राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत इस कार्यक्रम को सफल एवं गरिमामय बनाने में विद्यालय के आचार्यगण बालकिशन शर्मा, बाल स्वरूप शर्मा, अशोक शर्मा, आशा शर्मा, बबीता, तेजस्विनी, रंजना, कंचन, दीप्ति, नीतू और योगेश्वरी तथा अभिभावकगण राजेश पटवा, नरौत्तम शर्मा, गगन फौजदार, नटवर सिंह, रेखा, उर्मिला वैष्णव, पिंकी साहू एवं नीरज का विशेष सहयोग और सक्रिय सहभागिता रही।

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