चित्तौड़गढ़ में सांसद सीपी जोशी और अतिथियों ने दिव्यांग बच्चों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया।

चित्तौड़गढ़। दिव्यांगजनों को सहानुभूति के बजाय सहयोग, संबल और उनकी क्षमताओं के अनुरूप अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है। दिव्यांगजनों में छिपी प्रतिभाओं को सामने लाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की जिम्मेदारी समाज की है। यह विचार सांसद सी. पी. जोशी ने जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र पर सेवा संकल्प अभियान के समापन अवसर पर दिव्यांग कल्याणार्थ आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में व्यक्त किए।

सांसद जोशी ने कहा कि दिव्यांगजनों में दिव्य प्रतिभाएं छिपी होती हैं। हम सभी की जिम्मेदारी है कि उनके अनुकूल व्यवस्थाएं और अवसर उपलब्ध कराएं, ताकि वे अपना संपूर्ण विकास कर सकें और समाज के सामने उदाहरण प्रस्तुत कर सकें। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के निरंतर 25 वर्षों के राष्ट्र सेवा के सफर, विशेषकर प्रधानमंत्री के रूप में 12 वर्ष के सेवा काल की उपलब्धियों तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश को अग्रणी राष्ट्र की भूमिका में रखने वाले विषयों पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विधायक चन्द्रभान सिंह आक्या ने कहा कि राज्य एवं केंद्र सरकार दिव्यांगजनों को हर प्रकार से सहयोग देने के लिए कृत संकल्पित हैं। उन्होंने कहा कि दिव्यांग बच्चों को उनकी क्षमता और आवश्यकता के अनुरूप शिक्षण एवं प्रशिक्षण मिलना चाहिए, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। विधायक आक्या ने अपने विधायक कोष से 50 से अधिक दिव्यांगजनों को बैटरी चालित मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल एवं अन्य सहायक उपकरण भी प्रदान किए। उन्होंने आगे भी दिव्यांगजनों की सहायता के लिए हरसंभव मदद करने का आह्वान किया।

विधायक आक्या ने कहा कि संकल्प बौद्धिक विशेष विद्यालय का नए भवन में संचालन शुरू होने से बौद्धिक दिव्यांग बच्चों को अच्छा वातावरण उपलब्ध हो सकेगा। इससे बच्चों को उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप बेहतर माहौल में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।

जिलाध्यक्ष रतन लाल गाडरी ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के साथ-साथ स्थानीय निकाय की सरकार भी सेवा के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही हैं। सभापति अनिल ईनाणी ने कहा कि दिव्यांगजनों को सकारात्मक सोच के साथ अनुकूल अवसर दिए जाएं, तो वे सामान्य व्यक्तियों से भी बेहतर और समय पर कार्य कर सकते हैं।

भगवती सेवा एवं शिक्षण संस्थान के अध्यक्ष रामगोपाल ओझा ने संस्था द्वारा संचालित बौद्धिक दिव्यांग विशेष विद्यालय की विगत वर्षों की गतिविधियों की जानकारी दी और सभी अतिथियों का स्वागत किया। पार्षद भोला राम प्रजापत ने भी अतिथियों का स्वागत किया।

कार्यक्रम में हर्षवर्धन सिंह, रघु शर्मा, पार्षद शैलेन्द्र झंवर, प्रवीण सिंह राठौड़, अनिल सुखवाल, बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक ओमप्रकाश तोषनीवाल, डॉ. सुशीला लड्ढा, पूरण सिंह राणा, कुलदीप बजाज, अल्बर्ट फील्ड, स्वदेश दायमा और अनिल खटोड़ सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

दिव्यांग कल्याण के लिए सहयोग देने वाले भामाशाह अभय रेखा नाहर, हरीश संगीता तोषनीवाल, गोपाल अरुणा बाहेती, टाइटस थॉमस, अंगूरबाला जैन और वंदिता जैन को अतिथियों ने सम्मान पत्र प्रदान किए। कार्यक्रम का संचालन लोकेश सोनी ने किया। विद्यालय की बालिका आयुषी मूंदड़ा ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम में अभिभावक डिम्पल शर्मा और अनीता दशोरा ने भी अपने विचार व्यक्त किए तथा विद्यालय स्टाफ की ललिता जाट, पूजा आदि के कार्यों की प्रशंसा की। अतिथियों ने बच्चों की पाठ्य सामग्री और उनके द्वारा तैयार की गई सामग्री की प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।

सेवा संकल्प अभियान के समापन पर आयोजित इस कार्यक्रम में दिव्यांगजनों के लिए सहयोग, सहायक उपकरण, शिक्षा और प्रशिक्षण की जरूरत पर जोर दिया गया। वक्ताओं ने दिव्यांग बच्चों को उनकी क्षमता के अनुरूप अवसर उपलब्ध कराने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में समाज, संस्थाओं तथा सरकार की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

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