ट्रांसफॉर्मेटिव मंगलवार अभियान के तहत चित्तौड़गढ़ में विधिक जागरूकता शिविर, बच्चों को नशे से दूर रहने की दिलाई शपथ

चित्तौड़गढ़ में ट्रांसफॉर्मेटिव मंगलवार अभियान के तहत विधिक जागरूकता शिविर में विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभाव बताए गए और नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई।

Update: 2026-07-28 14:10 GMT

तस्वीर में जिला मुख्यालय पर आयोजित विधिक जागरूकता शिविर के दौरान लीगल डिफेंस काउंसिल के सदस्य और छात्र-छात्राएं नशामुक्ति की शपथ लेते हुए दिखाई दे रहे हैं।

राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से प्रदेश के किशोर विद्यार्थियों को उनके कानूनी अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से संचालित अभिनव एवं महत्वाकांक्षी कार्यक्रम ‘ट्रांसफॉर्मेटिव मंगलवार’ के तहत मंगलवार को नशे के दुष्प्रभावों विषयक विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। यह शिविर विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में आयोजित हुआ।

प्राधिकरण के अध्यक्ष मानसिंह चुण्डावत एवं सचिव योगिता पारीक के निर्देशानुसार जिला मुख्यालय पर नियुक्त लीगल एंड डिफेंस काउंसिल से चीफ सावन श्रीमाली, रमेश चन्द्र दशोरा, अंकुश तिवारी, वैशाली अहीर एवं प्रदीप सिंह राणावत ने जिले के विभिन्न विद्यालयों में पहुंचकर छात्र-छात्राओं को नशे के दुष्प्रभावों के संबंध में विस्तार से जागरूक किया। इस दौरान अभियान से संबंधित बच्चों की जो भी शिकायतें सामने आईं, उनका भी सरल भाषा में निराकरण किया गया।

शिविर के दौरान विद्यार्थियों को बताया गया कि नशा केवल एक व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि उसके पूरे परिवार और उसके उज्ज्वल भविष्य को भी नष्ट कर देता है। नशा करने वाले व्यक्ति को समाज में घृणा की दृष्टि से देखा जाता है। साथ ही यह भी समझाया गया कि नशा शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य पर भी गंभीर विपरीत प्रभाव डालता है।

विधिक जागरूकता कार्यक्रम में बच्चों को बताया गया कि युवाओं में असीमित ऊर्जा और बड़े सपने देखने की क्षमता होती है। वर्तमान समय की आवश्यकता है कि वे अपनी ऊर्जा का उपयोग रचनात्मक कार्यों, अपने लक्ष्यों की प्राप्ति तथा देश के विकास में करें। कार्यक्रम के अंत में बच्चों को किसी भी प्रकार का नशा नहीं करने की शपथ दिलाई गई तथा समाज में नशामुक्ति के प्रति लोगों को जागरूक करने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने के लिए भी प्रेरित किया गया।

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