मानसून प्रतिबंध के बावजूद बस्सी में बजरी का काला कारोबार, सड़कों पर दौड़ते वाहन
बस्सी में मानसून प्रतिबंध के बावजूद अवैध बजरी परिवहन जारी, सड़कों पर दौड़ते वाहनों और प्रशासनिक कार्रवाई पर उठे सवाल।
तस्वीर में सड़क पर खड़े बजरी से भरे ट्रैक्टर और डंपर बस्सी क्षेत्र में दिखाई दे रहे हैं।
मानसून की शुरुआत के साथ ही प्रदेश सरकार ने नदियों में पानी भरा होने के कारण बजरी निकासी पर दो महीनों के लिए प्रतिबंध लगाया हुआ है, लेकिन चित्तौड़गढ़ के बस्सी क्षेत्र में बजरी का काला कारोबार लगातार जारी है। पुलिस थाने के बाहर से निकलते दर्जनों डंपर और ट्रैक्टर पुलिस की कार्य प्रणाली पर सवाल खड़े कर रहे हैं। पुलिस अधीक्षक की सख्ती के बावजूद रोजाना निकलने वाले दर्जनों डंपर प्रशासन के आदेशों को चुनौती देते नजर आ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार प्रतिदिन अवैध बजरी से भरे ट्रैक्टर खुलेआम बाजारों और सड़कों से होकर गुजर रहे हैं। कस्बे के सोनगर मार्ग, शोकिया-दहीखेड़ा, सारण-घोसुंडी सहित मोरटंकी और बस्सी-भीलवाड़ा मार्ग पर रोज दर्जनों वाहन दौड़ते दिखाई देते हैं। इसके बावजूद पुलिस और खनन विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं होने से जिम्मेदार प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।
दाम बढ़े, माफिया कूट रहे चांदी
सरकार की ओर से बजरी पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद अवैध बजरी कारोबारियों ने दाम बढ़ा दिए हैं। पहले 5 हजार में आने वाला ट्रैक्टर अब 7 हजार में और ट्रेलर व डंपर 36 से 40 हजार तक बेचे जा रहे हैं। कथित तौर पर माफियाओं और सरकारी कार्मिकों के गठजोड़ के चलते इनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
अवैध बजरी को लेकर हाल ही में पारसोली, बेंगू, राशमी, शंभुपूरा सहित अन्य थानों में पुलिस ने ट्रैक्टर और डंपर जब्त कर कार्रवाई की है, लेकिन बस्सी में कार्रवाई नहीं होने से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि कार्रवाई करने वाला कोई नहीं है या जिम्मेदार अनजान बने बैठे हैं।
हादसे का सताता है डर
भीलवाड़ा जिले और साड़ास सहित अलग-अलग क्षेत्रों से आने वाले बजरी वाहनों का रास्ता बस्सी से होकर बिजयपुर, राजगढ़, नीमच और कनेरा तक जाता है। इसके बावजूद इस मार्ग पर लगातार अवैध बजरी परिवहन को नजरअंदाज किया जा रहा है।
जिला कलक्टर और पुलिस अधीक्षक ने अवैध खनन और बजरी पर लगाम लगाने के निर्देश दिए हैं, लेकिन निचले स्तर पर आदेशों की अवहेलना देखने को मिल रही है। बजरी के वाहन अलसुबह 3 से 5 बजे के बीच सड़कों पर अधिक दौड़ते हैं, जबकि ट्रैक्टरों का आतंक दिनभर बना रहता है।
बस्सी के मुख्य बाजार में घूमने वाले लोगों ने जिला प्रशासन से अवैध बजरी और अवैध खनन पर कार्रवाई की मांग की है। वहीं, अधिकतर वाहन बिना नंबर के सड़कों पर दौड़ रहे हैं, जो चर्चा का विषय बना हुआ है।