तीन आचार्यों के मंगल प्रवेश से निंबाहेड़ा में गूंजेगा धर्म का स्वर, चातुर्मास की तैयारियां पूर्ण

निंबाहेड़ा में 15 जुलाई को चार पूज्य गुरुभगवंतों का मंगल प्रवेश होगा, चातुर्मास आयोजन और स्वच्छता संकल्प की तैयारियां पूरी।

Update: 2026-07-14 14:21 GMT

तस्वीर में निंबाहेड़ा के मार्गों पर सजावट, स्वागत द्वार और धार्मिक ध्वज दिखाई दे रहे हैं।

निंबाहेड़ा बुधवार 15 जुलाई को ऐतिहासिक एवं पुण्यमय धार्मिक आयोजन का साक्षी बनेगा। धर्मनगरी निंबाहेड़ा में मेवाड़ तीर्थोद्वारक परम पूज्य आचार्य श्री निपुणरत्न सुरीश्वर जी महाराज साहब, परम पूज्या श्री अर्हत रेखा श्री जी म.सा. आदि ठाणा 5, मालव भूषण आचार्य श्री डॉ. मुक्तिसागर सुरीश्वर जी म.सा. एवं आचार्य श्री अचल मुक्तिसागर सुरीश्वर जी म.सा. का मंगलमय नगर पदार्पण होगा। चारों पूज्य गुरुभगवंतों के एक साथ पावन सान्निध्य का अवसर मिलने से नगरवासियों एवं श्रद्धालुओं में उत्साह का वातावरण बना हुआ है।

चातुर्मास प्रवेश को लेकर निंबाहेड़ा नगर को विशेष रूप से सजाया गया है। प्रमुख मार्गों पर आकर्षक स्वागत द्वार, धर्मध्वजाएं एवं धार्मिक सजावट की गई है। प्रवेश मार्ग पर श्रद्धालुओं द्वारा विभिन्न स्थानों पर चावल से पारंपरिक गवली, वंदामना, पुष्पवर्षा एवं अभिनंदन कार्यक्रमों की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। महिलाओं, युवाओं और बच्चों में भी आयोजन को लेकर विशेष उत्साह दिखाई दे रहा है तथा विभिन्न मंडल सेवा कार्यों में सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं।

भव्य प्रवेश यात्रा रेलवे फाटक स्थित सुरेन्द्र डूंगरवाल के निजी आवास से प्रारंभ होगी। यह यात्रा मोती बाजार, सदर बाजार, श्री आदिनाथ जैन मंदिर, कचहरी, स्कूल, मंडी चौराहा होते हुए राजेन्द्र सूरी ज्ञान मंदिर पहुंचेगी। यात्रा मार्ग में विभिन्न श्रीसंघों, संस्थाओं एवं समाजजनों की ओर से पूज्य गुरुभगवंतों का वंदामना एवं अभिनंदन किया जाएगा।

राजेन्द्र सूरी ज्ञान मंदिर पहुंचने के बाद धर्मसभा एवं मंगल प्रवचन का आयोजन होगा। चातुर्मास प्रारंभ होने के साथ ही नगर में धर्मिक गतिविधियों का सिलसिला शुरू होगा। आगामी चार माह तक प्रवचन, तप आराधना, सामायिक, प्रतिक्रमण, धार्मिक संस्कार एवं विविध आध्यात्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिनका लाभ हजारों श्रद्धालुओं को प्राप्त होगा।

ऐतिहासिक चातुर्मास प्रवेश आयोजन के साथ वी.टी. चातुर्मास 2026 समिति, निंबाहेड़ा ने स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी विशेष पहल की है। समिति ने निर्णय लिया है कि प्रवेश मार्ग पर किसी भी संस्था, श्रीसंघ अथवा मंडल द्वारा स्वागत के नाम पर खाद्य अथवा पेय पदार्थों की व्यवस्था नहीं की जाएगी। इसके साथ ही प्लास्टिक की पानी की बोतलों, डिस्पोजेबल ग्लास एवं अन्य एकल-उपयोग प्लास्टिक सामग्री का उपयोग पूर्णतः नहीं करने का सामूहिक संकल्प लिया गया है।

समिति का उद्देश्य आयोजन को धार्मिक गरिमा के साथ स्वच्छ, पर्यावरण-अनुकूल एवं अनुशासित स्वरूप में संपन्न कराना है। समिति ने श्रद्धालुओं एवं नगरवासियों से अधिक संख्या में उपस्थित होकर पूज्य गुरुभगवंतों के मंगल दर्शन, वंदन एवं चातुर्मास प्रवेश के पुण्य अवसर का लाभ लेने की अपील की है। साथ ही स्वच्छता, अनुशासन एवं धर्ममर्यादा बनाए रखने का आग्रह किया गया है।

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