तस्वीर में करसाना गांव के पंचायत समिति स्तर पर आयोजित रबी पूर्व कृषक गोष्ठी के दौरान कृषि विशेषज्ञ किसानों को आधुनिक खेती और सरकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए नजर आ रहे हैं।   

बड़ी सादड़ी। आत्मा योजनान्तर्गत किसानों को रबी फसलों की खेती, मृदा स्वास्थ्य, कीट एवं रोग नियंत्रण और कृषि विभाग की योजनाओं की जानकारी देने के लिए करसाना गांव में एक दिवसीय रबी पूर्व कृषक गोष्ठी का आयोजन किया गया। सहायक कृषि अधिकारी क्षेत्र डूंगला में आयोजित इस गोष्ठी में 100 किसानों ने भाग लिया। कृषि विशेषज्ञों और विभागीय अधिकारियों ने किसानों को आधुनिक कृषि गतिविधियों, पुरस्कार योजनाओं, प्रशिक्षण और जैविक खेती से संबंधित जानकारी दी।

गोष्ठी में आत्मा, चित्तौड़गढ़ के उप परियोजना निदेशक सुनील कुमार खोइवाल ने आत्मा योजनान्तर्गत संचालित गतिविधियों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि योजना के तहत कृषि, नवाचार, जैविक खेती, पशुपालन और उद्यान सहित विभिन्न गतिविधियों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को पुरस्कार दिए जाते हैं। पंचायत समिति स्तर पर प्रत्येक गतिविधि में पांच किसानों को 10,000 रुपये प्रति किसान, जिला स्तर पर प्रत्येक गतिविधि में दो-दो किसानों को 25,000 रुपये प्रति किसान तथा राज्य स्तर पर 50,000 रुपये का पुरस्कार देय है।

उन्होंने बताया कि आत्मा योजना के माध्यम से किसानों को राज्य के बाहर भ्रमण एवं प्रशिक्षण के साथ ही राज्य के अंदर भी कृषक भ्रमण और प्रशिक्षण करवाए जाते हैं, ताकि किसान विभिन्न कृषि गतिविधियों से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकें।

सेवानिवृत्त सहायक कृषि अधिकारी ओम प्रकाश चौबीसा ने रबी फसलों की खेती के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने गेहूं, चना, सरसों और चिया सीड की खेती से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की। साथ ही मृदा स्वास्थ्य कार्ड के महत्व को समझाते हुए बताया कि मिट्टी की जांच के आधार पर ही खाद एवं उर्वरकों का प्रयोग करना चाहिए।

सहायक कृषि अधिकारी कैलाश चंद्र शर्मा ने रबी फसलों में कीट एवं रोग नियंत्रण के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कंपनी प्रतिनिधि एवं एरिया मैनेजर राकेश यादव ने किसानों को नैनो उर्वरकों के बारे में बताया। कृषि पर्यवेक्षक शंकर लाल ताकर ने कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी, जबकि कृषि पर्यवेक्षक हेमराज गुर्जर ने जैविक खेती के बारे में विस्तार से समझाया।

कृषक गोष्ठी में कृषि विभाग के सहायक कृषि अधिकारी एवं कृषि पर्यवेक्षक उपस्थित रहे। गोष्ठी के माध्यम से किसानों को रबी फसलों की खेती, मिट्टी की जांच के अनुसार उर्वरकों के उपयोग, कीट एवं रोग नियंत्रण, जैविक खेती और सरकारी कृषि योजनाओं से जुड़ी जानकारी प्रदान की गई।

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