तस्वीर में बस्सी क्षेत्र की एक ग्रामीण सड़क पर बजरी से भरा हुआ ओवरलोड ट्रक आगे बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है।

बस्सी। प्रातकाल संवाददाता। न्यायालय की ओर से अवैध बजरी खनन और परिवहन पर रोक के बावजूद बस्सी, साड़ास और पारसोली क्षेत्र में अवैध बजरी के भंडारण और परिवहन का कारोबार खुलेआम जारी होने की जानकारी सामने आई है। रात के अंधेरे में बजरी माफिया सक्रिय होकर नदियों से अवैध खनन कर बजरी का भंडारण शुरू कर देते हैं। इसके बाद सुबह-सुबह बजरी से भरे ओवरलोड डंपर, ट्रोले और ट्रैक्टर मध्यप्रदेश तक जाते हुए सड़कों पर नजर आते हैं।

क्षेत्र में जारी इस गतिविधि के कारण न्यायालय के आदेशों के प्रभावी पालन पर सवाल उठ रहे हैं। वहीं, माइनिंग विभाग और पुलिस की उदासीनता को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार क्षेत्र के कई गांवों में बड़ी मात्रा में बजरी का भंडारण किया गया है। निजी जमीनों के साथ-साथ सरकारी जमीनों पर भी बजरी एकत्र कर उसके ढेर लगाए गए हैं। कहीं-कहीं अवैध बजरी के पहाड़ तक खड़े कर दिए गए हैं। पारसोली क्षेत्र के बड़ाखेड़ा सहित आसपास के इलाकों में ऐसा नजारा देखने को मिलता है।

बजरी पर प्रतिबंध और मुख्यमंत्री की जीरो टोलरेंस नीति के बावजूद अवैध परिवहन का कारोबार बढ़ता जा रहा है। क्षेत्र के पुलिस और खनन विभाग की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से स्थानीय लोगों में नाराजगी बनी हुई है। स्थिति यह है कि साड़ास, बस्सी और पारसोल पुलिस थाने के बाहर से भी बजरी से भरे वाहन गुजरते हैं। इन क्षेत्रों से गुजरने वाले भारी वाहनों ने सड़कों के लिए भी समस्या पैदा कर दी है। कई स्थानों पर ग्रामीण सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं।

भीलवाड़ा जिले एवं साड़ास थाना क्षेत्र के आसपास से रोजाना बड़ी मात्रा में बजरी लाई जाती है। ये वाहन साड़ास थाने के बाहर से होकर अलग-अलग गांवों की ओर जाते हैं। ग्रामीणों के अनुसार भीलवाड़ा-बस्सी मार्ग पर एक ही थाना है, जो साड़ास है। आरोप है कि बजरी माफिया टोल बचाने के लिए ट्रेलर, डंपर और ट्रैक्टर आदि वाहन बिना किसी डर के निकाल लेते हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि सभी वाहनों की एंटी साड़ास से होती है, लेकिन साड़ास पुलिस इन वाहनों पर कार्रवाई नहीं कर पाई है। माइनिंग विभाग का ध्यान भी इस ओर नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसा लगता है कि जिम्मेदार विभागों ने आंखें मूंद रखी हैं।

बस्सी क्षेत्र में भी बाहरी वाहनों के चालकों से आमजन परेशान हैं। सुबह के समय दर्जनों वाहन तेज गति से सड़कों पर दौड़ते नजर आते हैं। इससे क्षेत्र के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक और जिला प्रशासन से बजरी माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

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