गौमाता सुरक्षा को लेकर चित्तौड़गढ़ में संतों और सर्वसमाज का विशाल प्रदर्शन, 7 लाख हस्ताक्षर सौंपे
चित्तौड़गढ़ में गौमाता सुरक्षा को लेकर संतों और सर्व समाज का विशाल प्रदर्शन हुआ। 7 लाख से अधिक हस्ताक्षरों के साथ राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया और गोवंश संरक्षण के लिए कड़े कानून की मांग उठाई गई।
तस्वीर में चित्तौड़गढ़ कलेक्ट्रेट के बाहर गौ सम्मान और गोवंश संरक्षण की मांग को लेकर प्रदर्शन करते हुए संत, गोसेवक और सर्व समाज के लोग नजर आ रहे हैं।
चित्तौड़गढ़ में गो सम्मान आह्वान अभियान के तहत संतों, गोसेवकों और सर्व समाज ने एकजुट होकर गौमाता की सुरक्षा और गोवंश संरक्षण को लेकर विशाल प्रदर्शन किया। इंदिरा गांधी स्टेडियम से निकले संतों और समाजजनों के विशाल पैदल मार्च ने कलेक्ट्रेट चौराहा पहुंचकर गौ सम्मान की मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ शहर के इंदिरा गांधी स्टेडियम में विजय मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के साथ हुआ। इसके बाद सैकड़ों संत-महात्मा, गोसेवक, मातृशक्ति, युवा, किसान प्रतिनिधि तथा विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों के कार्यकर्ता एक मंच पर एकत्रित हुए।
स्टेडियम से संतों और सर्व समाजजनों ने विशाल पैदल मार्च निकाला, जो कलेक्ट्रेट चौराहे तक पहुंचा। यहां आयोजित प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर को राष्ट्रपति के नाम प्रार्थना-पत्र सौंपा। इस दौरान जिलेभर की ग्राम पंचायतों से एकत्र किए गए 7 लाख से अधिक नागरिकों के हस्ताक्षरों की प्रतियां भी राष्ट्रपति के नाम सौंपे गए ज्ञापन के साथ प्रस्तुत की गईं।
प्रदर्शनकारियों ने पूरे देश में गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने, गोवंश संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने और गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग रखी। साथ ही गोहत्या और गोवंश को नुकसान पहुंचाने वाले अपराधियों के लिए फांसी जैसी सख्त से सख्त सजा का प्रावधान करने तथा पूरे देश में एक समान कड़ा केंद्रीय कानून बनाने की मांग की गई।
कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए संतों ने प्रशासन और सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी। संतों ने कहा कि यह आंदोलन अभी जिला स्तर पर ज्ञापन देने से शुरू हुआ है। यदि जिला मुख्यालय पर सुनवाई नहीं होती है तो आंदोलन प्रदेश मुख्यालय तक ले जाया जाएगा। संतों ने कहा कि यदि प्रदेश स्तर पर भी सुनवाई नहीं हुई तो सनातनी डंके की चोट पर दिल्ली के जंतर-मंतर पर जाकर बैठेंगे और आमरण अनशन करेंगे। उन्होंने कहा कि जब अन्य लोगों की मांगें सुनी जा सकती हैं तो सरकार को करोड़ों सनातनियों की आवाज भी सुननी ही पड़ेगी।
अभियान से जुड़े प्रतिनिधियों ने बताया कि यह आंदोलन केवल राजस्थान तक सीमित नहीं रहेगा। द्वितीय चरण के अंतर्गत देशभर के लगभग 900 जिला मुख्यालयों पर जिलाधीशों के माध्यम से राष्ट्रपति और केंद्र सरकार को ज्ञापन सौंपे जाएंगे।
संतों और बड़ी संख्या में जुटे लोगों के विशाल मार्च को देखते हुए शहर में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। कार्यक्रम में जोगणिया माता ट्रस्ट से 108 से अधिक बटुक, अलख वेद गुरुकुल से लगभग 80 बटुक, कल्लाजी वेद पीठ से 108 बटुक तथा मूंगाना धाम से 30 बटुक सहित विभिन्न संस्थाओं के संत और आचार्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत विजय मंत्र के जाप से हुई। गायत्री शक्तिपीठ द्वारा भी सभी साथियों को सहयोग प्रदान किया गया। सभी लोग भारतीय वेशभूषा में परंपरागत रूप से उपस्थित रहे। डॉ. सुशीला लड्ढा ने गो वंदना प्रस्तुत की। जप के पश्चात सभी संतों ने आशीर्वचनों के माध्यम से हजारों गो भक्तों का उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. लड्ढा, डॉ. रेनू सोमानी और लीला खंगाल ने किया। जुलूस और पदयात्रा से पहले जिला संयोजक गौरव सोमानी ने सभी को गौ रक्षा का संकल्प दिलाया।
इस अवसर पर संत दिग्विजयराम महाराज, अनुज दास महाराज, आचार्य सुदर्शनाचार्य महाराज, आचार्य गो हितेश, नारायण लाल शर्मा, संत राधेश्याम सुखवाल, कैलाश मूंदड़ा, आचार्य कर्मवीर, विधायक चंद्रभान सिंह आक्या, श्रवण सिंह राव, अनिल ईनाणी, शैलेंद्र झंवर, भरत जागेटिया, मुकेश नाहटा, हरीश ईनाणी, सी पी नामधराणी, राजन माली सहित जिलेभर से अनेक संत-महात्माओं ने सहभागिता कर गौ सम्मान का संदेश दिया।