बड़ी सादड़ी में चेक अनादरण के मामले में न्यायालय ने अभियुक्त रामसिंह को दोषी करार देते हुए एक साल के साधारण कारावास और एक लाख अस्सी हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। बड़ी सादड़ी न्यायालय के सिविल न्यायिक मजिस्ट्रेट मोहित चायल ने दोनों पक्षों की बहस और प्रकरण से जुड़े तथ्यों को सुनने के बाद यह फैसला सुनाया।

प्रकरण के अनुसार, खानपुरा (धनजी का बाग) निवासी शंकर सिंह के पुत्र रामसिंह ने बड़ी सादड़ी निवासी सुजान मल पुत्र कन्हैयालाल जैन से उधार लिए गए पैसों की अदायगी के लिए उनके पक्ष में एक चेक लिखकर हस्ताक्षर किए थे। सुजान मल ने चेक को भुगतान के लिए बैंक में प्रस्तुत किया, लेकिन खाते में पर्याप्त बैलेंस नहीं होने के कारण बैंक ने चेक अनादरित कर दिया।

इसके बाद सुजान मल ने चेक अनादरण को लेकर बड़ी सादड़ी न्यायालय में दावा पेश किया। मामले की सुनवाई के दौरान सुजान मल जैन का निधन हो गया। इसके बावजूद उनके वारिसों ने न्यायालय में अपना दावा पेश कर मुकदमे की पैरवी जारी रखी।

प्रकरण में दोनों पक्षों की बहस और उपलब्ध तथ्यों पर विचार करने के बाद सिविल न्यायिक मजिस्ट्रेट मोहित चायल ने रामसिंह को दोषी करार दिया। न्यायालय ने अभियुक्त को एक साल के साधारण कारावास और एक लाख अस्सी हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया। सुजान मल की ओर से एडवोकेट विजय मोगरा ने पैरवी की।

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