बेगूं थाने में दो युवकों से मारपीट का आरोप, सात पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग
चित्तौड़गढ़ के बेगूं थाने में दो युवकों से कथित मारपीट और झूठे मुकदमे में फंसाने का आरोप लगा है। सात पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर व्यापारियों और नागरिकों ने उपजिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा।
बेगूं थाने में दो युवकों के साथ कथित पुलिस मारपीट और झूठे मुकदमे के विरोध में उपजिला कलक्टर कार्यालय की ओर ज्ञापन देने जाते स्थानीय नागरिक व व्यापारी।
बेगूं। चित्तौड़गढ़ जिले के बेगूं पुलिस थाने में दो युवकों के साथ कथित मारपीट और झूठे मुकदमे में फंसाने का मामला सामने आया है। मामले को लेकर आम नागरिकों, व्यापारियों और मंडी व्यवसायियों ने पुलिस अधीक्षक चित्तौड़गढ़ के नाम उपजिला कलक्टर बेगूं को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच करवाने और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की।
ज्ञापन में बताया गया कि 27 अक्टूबर को मोहित एवं मिलन पुत्र राजेश डांगी कृषि मंडी के पास स्थित अपने धर्मकांटे पर होमगार्ड सुरेश द्वारा कथित तौर पर अवैध राशि मांगने की शिकायत लेकर बेगूं थाने पहुंचे थे। आरोप है कि शिकायत के दौरान विवाद होने पर ड्यूटी ऑफिसर एसआई सीताराम मीणा सहित सात पुलिसकर्मी दोनों युवकों को कंप्यूटर कक्ष में ले गए और उनके साथ बेरहमी से मारपीट की।
ज्ञापन के अनुसार, युवकों के कपड़े उतरवाकर पिलास और पट्टों से पीटने तथा गंभीर रूप से प्रताड़ित करने के आरोप भी लगाए गए हैं। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि इसके बाद एसआई सीताराम मीणा ने स्वयं परिवादी बनकर दोनों युवकों के खिलाफ राजकार्य में बाधा एवं मारपीट का मुकदमा दर्ज करवाया। इस मामले में दोनों युवकों को तीन दिन तक जेल में रखा गया।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि न्यायालय के आदेश पर दोबारा मेडिकल जांच करवाने पर युवकों के शरीर पर चोटों की पुष्टि हुई। शिकायतकर्ताओं ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।
ज्ञापन सौंपने वालों का कहना है कि इस घटना से आम नागरिकों और व्यापारी वर्ग में भय का माहौल है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच करवाकर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और जांच में दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों को सेवा से बर्खास्त करने की मांग की है।