तस्वीर में बेगूं न्यायालय परिसर के बाहर एक पुलिसकर्मी और एक व्यक्ति खड़े दिख रहे हैं।

बेगूं। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डॉ. पीयूष जैलिया ने चैक अनादरण के मामले में निर्णय सुनाते हुए महावतवाड़ी, बेगूं निवासी एजाज हुसैन पिता मुबारिक पठान को दोषसिद्ध किया है। न्यायालय ने अभियुक्त को एक वर्ष के साधारण कारावास एवं 4,50,000 रुपये के जुर्माने से दंडित किया है। जुर्माना राशि अदा नहीं करने पर अभियुक्त को एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

प्रकरण के अनुसार बेगूं निवासी परिवादी कमल पिता बंशीलाल पंचोली ने अभियुक्त एजाज हुसैन के विरुद्ध 3 लाख रुपये के चैक अनादरण को लेकर न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत किया था। परिवादी के अनुसार अभियुक्त ने 20 सितंबर 2021 को 3 लाख रुपये का चैक जारी किया था, जो बैंक खाते में पर्याप्त राशि नहीं होने के कारण अनादरित हो गया।

मामले में उभय पक्षों की बहस सुनने के बाद अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डॉ. पीयूष जैलिया ने 16 सितंबर 2026 को निर्णय पारित किया। न्यायालय ने अभियुक्त एजाज हुसैन को दोषसिद्ध करते हुए एक वर्ष के साधारण कारावास और 4,50,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना जमा नहीं करने की स्थिति में एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

परिवादी कमल की ओर से अधिवक्ता भोलेश कुमार भट्ट, मोहम्मद एतमाद अजमेरी, शोहिद शाह एवं संकल्प भट्ट ने मामले में पैरवी की। न्यायालय के निर्णय के साथ 20 सितंबर 2021 को जारी 3 लाख रुपये के चैक के अनादरण से जुड़े इस मामले में अभियुक्त को दोषसिद्ध कर सजा सुनाई गई।

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