बड़ीसादड़ी: श्रीरामद्वारा दिव्य आनंद धाम में श्रीमद्भागवत कथा शुरू
कथा के दौरान स्वामी अनंतराम महाराज ने माता-पिता की सेवा का महत्व समझाते हुए पाप कार्यों से दूर रहने की सलाह दी।
तस्वीर में श्रीरामद्वारा दिव्य आनंद धाम में व्यासपीठ से कथा सुनाते स्वामी अनंतराम महाराज।
बड़ीसादड़ी स्थित श्रीरामद्वारा दिव्य आनंद धाम में श्राद्ध पक्ष के अवसर पर सप्तदिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन शुरू हुआ। शनिवार को कथा के दौरान स्वामी अनंतराम महाराज ने माता-पिता की सेवा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि माता-पिता हमारे जीवन के प्रथम गुरु और सबसे बड़े शुभचिंतक होते हैं।
स्वामी अनंतराम महाराज ने कहा कि माता-पिता ने अपने सुखों का त्याग करके हमें जीवन, संस्कार और आगे बढ़ने का अवसर दिया है। इसलिए उनकी सेवा करना केवल हमारा कर्तव्य ही नहीं, बल्कि हमारा सौभाग्य भी है। उन्होंने कहा कि माता-पिता की सेवा से बढ़कर कोई धर्म नहीं और उनके चरणों से बढ़कर कोई तीर्थ नहीं। जिस घर में माता-पिता का सम्मान होता है, उस घर में सुख, शांति और भगवान का वास होता है।
उन्होंने कहा कि माता-पिता को सबसे अधिक आवश्यकता महँगी वस्तुओं की नहीं, बल्कि सम्मान, समय, प्रेम और अपनापन की होती है। इसलिए प्रत्येक मानव मात्र को अपने माता-पिता की पूर्ण श्रद्धाभाव से सेवा करनी चाहिए।
कथा प्रसंग में धुंधूकारी जैसे महापापी के जीवन चरित्र का वर्णन करते हुए स्वामी अनंतराम महाराज ने श्रद्धालुओं को पापकार्य से बचने की सलाह दी।
कथा कार्यक्रम में नगर सहित धरियावद, बोहेड़ा, देवास, करजू, राणावतों का खेड़ा, सबलपुरा, जियाखेड़ी, छोटीसादड़ी आदि अनेक गांवों के श्रद्धालु उपस्थित रहे। कथा विश्राम के पश्चात भागवत महापुराण पोथी की आरती की गई और प्रसाद वितरण किया गया।