तस्वीर में केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह के साथ लघु उद्योग भारती का प्रतिनिधिमंडल एक कार्यालय में बैठक के दौरान नजर आ रहा है।

भीलवाड़ा। भारतीय टेक्सटाइल उद्योग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने, टेक्सटाइल एमएसएमई सेक्टर को मजबूत करने और वैश्विक बाजार में भारतीय उत्पादों की भागीदारी बढ़ाने को लेकर लघु उद्योग भारती ने महत्वपूर्ण पहल की है। संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह से मुलाकात कर आगामी 1 अक्टूबर 2026 को आयोजित होने वाले टेक्सटाइल कॉन्क्लेव के लिए उन्हें सादर आमंत्रित किया।

मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल और केंद्रीय वस्त्र मंत्री के बीच भारतीय टेक्सटाइल उद्योग के विकास, एमएसएमई सेक्टर की मजबूती और वैश्विक बाजार में भारतीय टेक्सटाइल उत्पादों की पहुंच बढ़ाने को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में टेक्सटाइल क्षेत्र में सस्टेनेबिलिटी, ग्रीन एनर्जी के उपयोग, फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) के जरिए भारतीय उद्योगों के लिए उपलब्ध अवसरों और डैडम् इकाइयों को अधिक से अधिक निर्यात से जोड़ने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष रूप से विचार-विमर्श किया गया।

प्रतिनिधिमंडल ने टेक्सटाइल एमएसएमई के लिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को और बेहतर बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही कहा कि सरकारी योजनाओं और नीतियों का लाभ छोटे एवं मध्यम उद्यमों तक प्रभावी रूप से पहुंचना चाहिए।

प्रतिनिधिमंडल में लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय सह-महासचिव नरेश पारीक, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष बलदेव भाई प्रजापति, टेक्सटाइल उत्पाद समूह के अध्यक्ष महेश हुरकट, टेक्सटाइल सह-समन्वयक कपिल गुप्ता, सह-समन्वयक पल्लवी लढा, गुजरात प्रदेश अध्यक्ष ईश्वर भाई पटेल, दीपक शर्मा, भीम राणा, दीपक सिंघल और दीपक गुप्ता सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

केंद्रीय वस्त्र मंत्री से मुलाकात के बाद प्रतिनिधिमंडल ने टेक्सटाइल सचिव श्रीमती आरती कंवर के साथ आगामी टेक्सटाइल पॉलिसी को लेकर विस्तृत एवं सकारात्मक चर्चा की। टेक्सटाइल सचिव ने बताया कि आगामी योजनाओं में सीजीटीएमएसई जैसी क्रेडिट सपोर्ट व्यवस्था को टेक्सटाइल सेक्टर की योजनाओं से जोड़ने की दिशा में आवश्यक प्रावधान किए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि भारतीय टेक्सटाइल उत्पादों की ब्रांडिंग और मार्केटिंग को बढ़ावा देने के लिए भी टेक्सटाइल मंत्रालय की योजनाओं में आवश्यक व्यवस्थाओं पर विचार किया जा रहा है। इसके अलावा सोलर पैनल और ग्रीन एनर्जी से संबंधित आवश्यक वित्तीय सहायता एवं प्रोत्साहन के प्रावधानों पर भी विचार किया जा रहा है।

इन प्रावधानों से टेक्सटाइल उद्योग की ऊर्जा लागत कम होने के साथ ही सस्टेनेबल एवं ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। केंद्रीय वस्त्र मंत्री और टेक्सटाइल सचिव के साथ हुई यह मुलाकात टेक्सटाइल एमएसएमई की समस्याओं, संभावनाओं और भविष्य की दिशा को नीति-निर्माताओं तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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