शाहपुरा में असू चंड सिंधीयत एकता दिवस महोत्सव शुरू, निकली वाहन रैली
शाहपुरा में झूलेलाल मंदिर से वाहन रैली के साथ असू चंड सिंधीयत एकता दिवस महोत्सव का शुभारंभ हुआ। शाम को शोभायात्रा और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
शाहपुरा में असू चंड सिंधीयत एकता दिवस महोत्सव के तहत वाहन रैली और कार्यक्रमों में शामिल सिंधी समाज के लोग।
शाहपुरा में पूज्य सिंधी पंचायत के तत्वावधान में सोमवार को आराध्य भगवान झूलेलाल की स्तुति में असू चंड सिंधीयत एकता दिवस महोत्सव का शुभारंभ श्रद्धा, उत्साह और सामाजिक एकजुटता के साथ हुआ। दिलखुशाल बाग स्थित झूलेलाल मंदिर में झंडारोहण के बाद निकली समाज की वाहन रैली से शहर का माहौल भक्तिमय हो गया। रैली का विभिन्न स्थानों पर पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। वहीं, हेमू कालानी स्मारक पर अमर शहीद को नमन कर समाजजनों ने देशभक्ति का संदेश दिया। महोत्सव के तहत सोमवार शाम को भगवान झूलेलाल की भव्य शोभायात्रा सहित धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
पूज्य सिंधी पंचायत शाहपुरा के अध्यक्ष लीलाराम वासवानी और सचिव नरेश लखपतानी की अगुवाई में महोत्सव की शुरुआत झूलेलाल मंदिर में धार्मिक परंपराओं के निर्वहन के साथ हुई। झंडारोहण के बाद समाज की वाहन रैली रवाना हुई, जो शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी। रैली में सिंधी समाज के महिला-पुरुषों और बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। समाजजन भगवान झूलेलाल के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े। शहर में विभिन्न स्थानों पर लोगों ने पुष्पवर्षा कर रैली का स्वागत किया।
वाहन रैली के त्रिमूर्ति स्मारक पहुंचने पर समाज के लोगों ने आकर्षक नृत्य प्रस्तुत किए। यहां भी पुष्पवर्षा कर रैली का अभिनंदन किया गया। महिलाओं, पुरुषों और बच्चों की सामूहिक भागीदारी ने आयोजन में सामाजिक एकजुटता की झलक पेश की। धार्मिक आस्था के साथ सिंधी संस्कृति, परंपराओं और आपसी भाईचारे का संदेश भी दिया गया।
हेमू कालानी स्मारक पर शहीदों को नमन
वाहन रैली के दौरान समाजजनों ने हेमू कालानी स्मारक पर अमर शहीद हेमू कालानी को नमन किया। इस दौरान शहीदों के सम्मान में नारे लगाए गए, जिससे कार्यक्रम में देशभक्ति का वातावरण बना। आयोजन के माध्यम से नई पीढ़ी को स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान और राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण की याद दिलाई गई।
शाम को बच्चों और महिलाओं की प्रतियोगिताएं, वरिष्ठजनों का सम्मान
महोत्सव के तहत सोमवार शाम को संत कंवर राम धर्मशाला में बच्चों और महिलाओं की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य समाज की प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने के साथ नई पीढ़ी को सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ना है। इसके बाद दिलखुशाल बाग स्थित झूलेलाल मंदिर में समाज के वरिष्ठ महिला-पुरुषों का सम्मान किया जाएगा।
कार्यक्रम में पूज्य बहराणा साहेब का धार्मिक आयोजन भी होगा। भजन-कीर्तन के माध्यम से भगवान झूलेलाल की आराधना की जाएगी। धार्मिक अनुष्ठानों के साथ सांस्कृतिक गतिविधियों के आयोजन से महोत्सव को समाज की परंपराओं और सामूहिक सहभागिता से जोड़ा गया है।
बाजारों से होकर निकलेगी भगवान झूलेलाल की शोभायात्रा
सोमवार शाम को झूलेलाल मंदिर से भगवान झूलेलाल और पूज्य बहराणा साहेब से जुड़ी धार्मिक शोभायात्रा निकाली जाएगी। शोभायात्रा शहर के बाजारों से होकर संत कंवर राम धर्मशाला पहुंचेगी और फिर पिवणिया तालाब जाएगी। यहां धार्मिक परंपरा के अनुसार अखंड ज्योति का जल में विसर्जन किया जाएगा। इसके बाद आम भंडारे का आयोजन होगा, जिसमें समाजजन प्रसादी ग्रहण करेंगे।
असू चंड सिंधीयत एकता दिवस महोत्सव का उद्देश्य भगवान झूलेलाल के प्रति आस्था प्रकट करने के साथ सिंधी समाज की संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करना है। धार्मिक अनुष्ठानों, देशभक्ति से जुड़े आयोजनों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और सामूहिक प्रसादी के माध्यम से महोत्सव समाज की एकता और आपसी भाईचारे का संदेश दे रहा है।