भीलवाड़ा: 3 करोड़ के कर्ज पर 4 करोड़ वसूले, प्राॅपर्टी कारोबारी पर केस
भीलवाड़ा में 3 करोड़ के कर्ज के बदले 4 करोड़ से अधिक वसूलने, सोना और संपत्ति के दस्तावेज हड़पने के आरोप में फाइनेंसकर्मी पर केस दर्ज।
भीलवाड़ा में कथित अवैध सूदखोरी और धमकियों का गंभीर मामला सामने आया है। प्रताप नगर थाना क्षेत्र के एक प्रॉपर्टी कारोबारी ने फाइनेंस का काम करने वाले सुमित टिक्यानी पर करीब 3 करोड़ रुपये के कर्ज के बदले 4 करोड़ रुपये से अधिक की रकम वसूलने, 25 तोला सोना अपने कब्जे में लेने और दुकान, मकान व जमीन के दस्तावेज अपने नाम करवाने के आरोप लगाए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने शुक्रवार रात आरोपी के मकान और शनिवार को उसके कार्यालय पर तलाशी की कार्रवाई की।
पीड़ित प्रकाश कोठारी निवासी सिरकी मोहल्ला, भीलवाड़ा, हाल निवासी जयपुर और उनकी पत्नी राजकुमारी कोठारी ने पुलिस को दी शिकायत में कथित आर्थिक शोषण, ब्लैकमेलिंग, गाली-गलौज और मारपीट की जानकारी दी है। शिकायत के अनुसार, व्यवसायिक जरूरतों के चलते प्रकाश कोठारी ने सिंधु नगर निवासी अशोक कुमार टिक्यानी के पुत्र सुमित टिक्यानी से करीब 3 करोड़ रुपये लिए थे। आरोप है कि कर्ज के बदले आरोपी ने उनकी चल-अचल संपत्तियों और दस्तावेजों पर कब्जा जमाना शुरू कर दिया।
पीड़ित का आरोप है कि आरोपी ने 25 तोला सोना गिरवी रखने के नाम पर अपने कब्जे में ले लिया। मिलन टॉकीज स्थित आदित्य टॉवर की एक बेशकीमती दुकान की पावर ऑफ अटॉर्नी अपने नाम करवा ली। इसके अलावा पीड़ित के खानदानी मकान का एग्रीमेंट भी अपने नाम लिखवा लिया और सांगानेर की जमीन की पावर ऑफ अटॉर्नी भी ले ली। आरोप है कि आरोपी ने सुरक्षा के नाम पर अन्य चल-अचल संपत्तियों के दस्तावेज, खाली चेक और हस्ताक्षर किए हुए स्टांप भी अपने पास रख लिए।
शिकायत के मुताबिक, कर्ज के बदले ब्याज की वसूली का दबाव इस हद तक बढ़ गया कि आरोपी प्रतिदिन 50 हजार रुपये ब्याज मांगने लगा। प्रकाश कोठारी ने महज आठ महीने के भीतर 1 करोड़ 20 लाख रुपये नकद चुकाए। इसके अलावा एक्सिस बैंक के माध्यम से ढाई करोड़ रुपये से अधिक की राशि का भुगतान किया गया। पीड़ित का दावा है कि कुल मिलाकर 4 करोड़ रुपये से ज्यादा चुकाने के बावजूद उनसे कथित तौर पर और रकम की मांग की जाती रही।
पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि सुमित टिक्यानी और उसके पिता अक्सर उनके घर पहुंचते थे। आरोप है कि दोनों रात के समय शराब के नशे में उनकी छह साल की मासूम बेटी के सामने गाली-गलौज करते और मारपीट करते थे। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि पीड़ितों के नाम पर जबरन आईडीएफसी बैंक में खाता खुलवाया गया, जिस पर आरोपी और उसके कर्मचारियों का नियंत्रण था। पीड़ितों के अनुसार, इस खाते का इस्तेमाल अवैध लेन-देन के लिए किया जाना था।
लगातार कथित प्रताड़ना, अपमान और धमकियों से परेशान होकर प्रकाश कोठारी अपने परिवार के साथ भीलवाड़ा छोड़कर जयपुर चले गए। परिवार ने अपनी छह साल की बेटी की सुरक्षा और भविष्य को ध्यान में रखते हुए वहां शरण ली। हालांकि, पीड़ित का आरोप है कि जयपुर जाने के बाद भी उन्हें राहत नहीं मिली।
शिकायत के अनुसार, 7 अक्टूबर 2026 को आरोपी ने फोन कर प्रकाश कोठारी को भीलवाड़ा आकर मिलने और बैठकर बातचीत करने के लिए कहा। इसके बाद पीड़ित भीलवाड़ा के रेडियंस होटल के कमरा नंबर 209 में पहुंचे, लेकिन आरोपी ने उनसे मिलने से इनकार कर दिया। आरोप है कि फोन पर गाली-गलौज करते हुए उसने 2 करोड़ रुपये की कथित अवैध राशि की मांग की और धमकी दी कि रकम नहीं देने पर घर के दस्तावेजों, चेक और स्टांप का दुरुपयोग कर उन्हें बर्बाद कर देगा।
मामले में प्रताप नगर थाने में सुमित टिक्यानी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। प्रकरण की जांच थाना प्रभारी सुनील ताड़ा कर रहे हैं। एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए शुक्रवार रात आरोपी के मकान और शनिवार को उसके कार्यालय की सघन तलाशी ली। तलाशी के दौरान क्या बरामद हुआ, इस संबंध में पुलिस अधिकारियों ने फिलहाल गोपनीयता बनाए रखी है।
सूत्रों के अनुसार, जांच अधिकारी सोमवार को मामले में न्यायालय के समक्ष विस्तृत रिपोर्ट पेश करेंगे। इसके बाद जांच में अन्य खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन से आरोपी की गिरफ्तारी करने तथा उसके कब्जे से 25 तोला सोने के जेवरात, असल दस्तावेज, बैंक चेक और स्टांप बरामद कराने की मांग की है। अब मामले में पुलिस की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई पर नजर रहेगी।