उदयपुर से भीलवाड़ा जिले के शंभूगढ़ थाना क्षेत्र स्थित बंक्यारानी माता के दरबार में बीमारी से निजात पाने की उम्मीद लेकर पहुंची 35 वर्षीय महिला की रविवार दोपहर अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। तीन-चार साल से श्वास (दमा) और गंभीर खांसी की बीमारी से जूझ रही महिला को परिजन नवरात्र के पावन पर्व पर माता के दर्शन के लिए लेकर आए थे। आसींद अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

उदयपुर के प्रतापनगर थाना क्षेत्र के खेमपुरा निवासी शंकर लाल गमेती की पत्नी जमना बाई पिछले 3-4 साल से श्वास (दमा) और गंभीर खांसी की बीमारी से पीड़ित थीं। परिवार ने विभिन्न जगहों पर उनका इलाज कराया, लेकिन बीमारी से राहत मिलने की उम्मीद में परिजन उन्हें बंक्यारानी माता के दरबार लेकर पहुंचे थे। परिवार को विश्वास था कि माता के दरबार में प्रार्थना करने से जमना बाई को बीमारी से मुक्ति मिल सकती है।

रात्रि के समय पूरा परिवार मंदिर पहुंचा था। रविवार दोपहर अचानक जमना बाई की तबीयत तेजी से बिगड़ गई। स्थिति गंभीर होने पर परिजन उन्हें आनन-फानन में आसींद अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। जिस उम्मीद के साथ परिवार उन्हें मंदिर लेकर पहुंचा था, वह अस्पताल में उनकी मौत की पुष्टि के साथ टूट गई।

घटना की सूचना मिलने पर शंभूगढ़ थाने के सहायक उपनिरीक्षक श्याम सुंदर पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। परिजनों ने पुलिस को बताया कि जमना बाई लंबे समय से बीमारी से पीड़ित थीं और उनकी मौत का कारण भी यही बीमारी है। परिवार ने मौत को स्वाभाविक बताते हुए इस दुखद घड़ी में किसी भी तरह की पुलिस कार्रवाई या पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया।

परिवार की लिखित असहमति के बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी कीं और शव परिजनों को सौंप दिया। बीमारी से राहत की आस में बंक्यारानी माता के दरबार पहुंची जमना बाई की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

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