भीलवाड़ा: झूलेलाल मंदिर में घट स्थापना और अनुष्ठान
शारदीय नवरात्र पर भीलवाड़ा के झूलेलाल मंदिर में 101 श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से घट स्थापना की, सोमवार को होगा ध्वजारोहण।
भीलवाड़ा के झूलेलाल मंदिर में शारदीय नवरात्र के अवसर पर घट स्थापना करते श्रद्धालु.
भीलवाड़ा के शाम की सब्जी मंडी स्थित झूलेलाल मंदिर में शारदीय नवरात्र के अवसर पर रविवार को धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किया गया। इस दौरान 101 श्रद्धालुओं ने विभिन्न श्लोकों के उच्चारण के बीच विधि-विधान से मां दुर्गा की घट स्थापना की। भजन-कीर्तन, पूजा-अर्चना और माता के जयकारों से मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा। असु चंड्र महोत्सव के तहत सोमवार को भगवान झूलेलाल साहेब का पंचामृत अभिषेक और ध्वजारोहण किया जाएगा।
सिंधी समाज के मीडिया प्रभारी मूलचंद बहरवानी ने बताया कि धार्मिक कार्यक्रम की शुरुआत मंदिर के प्रसिद्ध गायक कलाकार बाबूलाल शर्मा के भजनों से हुई। उनके भक्ति गीतों पर श्रद्धालु झूम उठे और नृत्य करते हुए माता की आराधना की। इसके बाद मंदिर के पंडित दशरथ महत्ता ने स्वस्ति श्लोकों का उच्चारण किया। उन्होंने श्रद्धालुओं के माथे पर सिंदूर-कुमकुम का तिलक लगाया और उनकी बाहों में मौली बांधी। इस धार्मिक प्रक्रिया के बाद घट स्थापना का कार्यक्रम शुरू हुआ।
पंडित गणेशलाल और उनके दल ने श्रद्धालुओं से विधि-विधान के साथ घट स्थापना करवाई। वरिष्ठ समाजसेवी हेमनदास भोजवानी ने बताया कि आयोजन के दौरान मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। भक्तों ने मां दुर्गा की पूजा-अर्चना कर परिवार, समाज और देश में सुख-समृद्धि की कामना की।
मंदिर के सेवादारी अध्यक्ष तुलसीदास निहलानी (शेरू भाई) ने बताया कि सोमवार को सुबह सवा सात बजे से असु चंड्र के उपलक्ष्य में भगवान झूलेलाल साहेब की प्रतिमा का पंचामृत से अभिषेक किया जाएगा। सुबह 10 बजे भगवान झूलेलाल साहेब की स्तुति और मंत्रोच्चार के साथ ध्वज की पूजा-अर्चना होगी। इसके बाद संत-महात्माओं द्वारा ध्वजारोहण कर कार्यक्रम का विधिवत आगाज किया जाएगा।
संस्थान के उपाध्यक्ष सुरेश भोजवानी ने बताया कि मंदिर में पूज्य बहराणा साहेब की स्थापना, ज्योत प्रज्वलन, पुष्प वर्षा और भोजन प्रसादी के बाद सेवादारियों का दल बहराणा साहेब के साथ नसीराबाद रवाना होगा। वहां स्थानीय सिंधी समाज की ओर से आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लिया जाएगा।
नसीराबाद में महाआरती, पल्लव और अरदास के माध्यम से देश एवं समाज में सुख-शांति, खुशहाली और समृद्धि की कामना की जाएगी। इसके बाद पवित्र ज्योत का विसर्जन कर धार्मिक आयोजन का समापन होगा। इस तरह झूलेलाल मंदिर में नवरात्र के धार्मिक अनुष्ठानों के साथ असु चंड्र महोत्सव के कार्यक्रम भी विधि-विधान से संपन्न होंगे।