मांडलगढ़ अफीम डोडा-चूरा तस्करी मामला: सुरेश बिश्नोई को 15 साल की कठोर कैद, डेढ़ लाख जुर्माना

भीलवाड़ा के मांडलगढ़ अफीम डोडा-चूरा तस्करी मामले में अदालत ने सुरेश बिश्नोई को 15 साल कैद और जुर्माने की सजा सुनाई।

Update: 2026-07-29 10:05 GMT

तस्वीर में दिख रहा व्यक्ति एनडीपीएस मामले में दोषी करार दिया गया सुरेश बिश्नोई पुत्र सहदेवराम बिश्नोई है।

विशेष न्यायालय (एनडीपीएस एक्ट) ने मादक पदार्थ तस्करी के गंभीर मामले में अंतिम सुनवाई करते हुए आरोपी सुरेश बिश्नोई को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने आरोपी को 15 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है और 1,50,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।

मामला 19 फरवरी 2020 का है, जब सीआईडी (सीबी) जयपुर के एएसपी सूर्यवीर सिंह को आसूचना संकलन के दौरान सूचना मिली थी कि एक स्कॉर्पियो कार में अवैध अफीम डोडा-चूरा भरकर ले जाया जा रहा है। एएसपी सूर्यवीर सिंह ने इस सूचना से कार्यवाहक थानाधिकारी मांडलगढ़ महावीर प्रसाद मीणा को फोन पर अवगत कराया। सूचना के अनुसार स्कॉर्पियो कार चालक उसे धाकड़खेड़ी जाने वाले कच्चे रास्ते की ओर ले गया था।

सूचना मिलने के बाद कार्यवाहक थानाधिकारी महावीर प्रसाद मीणा मय जाब्ता तत्काल मौके पर पहुंचे और घेराबंदी की। पुलिस टीम को देखकर स्कॉर्पियो में सवार दो व्यक्ति वाहन से उतरकर भागने लगे। पुलिस ने पीछा कर एक आरोपी सुरेश बिश्नोई पुत्र सहदेवराम बिश्नोई निवासी भकत्तासनी, थाना लूणी, जिला जोधपुर को मौके पर पकड़ लिया, जबकि उसका दूसरा साथी सहीराम बिश्नोई भागने में सफल रहा।

पुलिस टीम ने स्कॉर्पियो कार की तलाशी ली तो उसमें रखे 15 कट्टों से कुल 296 किलोग्राम 700 ग्राम अवैध अफीम डोडा-चूरा बरामद हुआ। इसके साथ ही कार से 20 लीटर पेट्रोल से भरी एक जरीकेन भी मिली। पुलिस ने मादक पदार्थ, वाहन और अन्य सामग्री को जब्त कर आरोपी सुरेश बिश्नोई को गिरफ्तार किया और उसके खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया। विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक रामस्वरूप गुर्जर ने प्रभावी पैरवी करते हुए आरोपी के अपराध को साबित करने के लिए न्यायालय के समक्ष 11 गवाहों के बयान दर्ज कराए और 107 दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए।

न्यायालय ने पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और दोनों पक्षों की दलीलों का परीक्षण करने के बाद सुरेश बिश्नोई को दोषी पाया। विशेष न्यायालय (एनडीपीएस एक्ट) ने उसे 15 वर्ष के कठोर कारावास और 1,50,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।

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