तस्वीर में एक तरफ परिजन शरीर पर चोट के निशान दिखाते हुए नजर आ रहे हैं और दूसरी तरफ ग्रामीण व पुलिसकर्मी एकत्रित दिखाई दे रहे हैं।

भीलवाड़ा के एक मजदूर की राजसमंद जिले के नाथद्वारा में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों में आक्रोश है। मृतक की पहचान भीलवाड़ा के स्थानीय ओड़ो का खेड़ा निवासी कैलाश ओड (30) पुत्र पेमा ओड के रूप में हुई है। कैलाश पिछले करीब दो वर्षों से अपने ससुराल नाथद्वारा में रहकर लोडिंग टेंपो चलाने का काम कर रहा था।

मृतक के भाई मुकेश ओड ने मीडिया से बातचीत में अपने भाई की मौत को लेकर ससुराल पक्ष पर हत्या का सीधा आरोप लगाया है। मुकेश के अनुसार, परिजनों को दोपहर करीब 2 बजे फोन कर कैलाश को बस स्टैंड से ले जाने की बात कही गई थी। इसके बाद शाम करीब 8 बजे ससुराल पक्ष की ओर से, जिसमें पत्नी भी शामिल है, फोन कर कैलाश की सांसें थमने की सूचना दी गई।

परिजन जब शव को नाथद्वारा से भीलवाड़ा स्थित अपने घर लेकर पहुंचे और स्नान कराने की तैयारी करने लगे, तब कैलाश के शरीर पर दाग-धब्बे, जला हुआ पैर, कान से बहता खून और टूटी हुई गर्दन जैसे गंभीर चोटों के निशान दिखाई दिए। इसके बाद परिजनों ने उसकी मौत को संदिग्ध बताते हुए ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए।

परिजनों का आरोप है कि कैलाश की पत्नी, उसका साला और ससुराल के अन्य लोग उसे लंबे समय से प्रताड़ित कर रहे थे। उनका कहना है कि कैलाश जब भी बीमार होता या काम पर नहीं जा पाता था, तो उसके साथ मारपीट की जाती थी। कैलाश ने पहले भी परिजनों को फोन कर अपने साथ हो रहे अत्याचार के बारे में बताया था।

मृतक के परिजन शव को पोस्टमार्टम के लिए भीलवाड़ा के महात्मा गांधी चिकित्सालय लेकर पहुंचे हैं। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और न्याय की मांग की है।

मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए स्थानीय कोतवाली थाना पुलिस ने नाथद्वारा पुलिस को सूचना दी है। नाथद्वारा से पुलिस आने के बाद ही मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल कैलाश की संदिग्ध मौत को लेकर परिजन न्याय और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

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