अन्तर्राष्ट्रीय माहेश्वरी कपल क्लब ने सैनिक भाइयों के लिए भेजीं 5100 राखियां, डाक शुल्क माफी की मांग
भीलवाड़ा में माहेश्वरी कपल क्लब ने सैनिक भाइयों के लिए 5100 राखियां भेजीं। 735 रुपये डाक शुल्क लगने पर क्लब ने अगले वर्ष से सैनिकों को भेजी राखियों पर पोस्टल चार्जेज माफ करने की मांग की है।
तस्वीर में “एक धागा स्नेह का - फौजी भाइयों के नाम, बहनों का पैगाम” अभियान का पोस्टर दिख रहा है, जिसमें सैनिकों की तस्वीर और अन्तर्राष्ट्रीय माहेश्वरी कपल क्लब का नाम लिखा है।
भीलवाड़ा में अन्तर्राष्ट्रीय माहेश्वरी कपल क्लब की जिला शाखा ने सैनिक भाइयों के प्रति सम्मान, प्रेम और कृतज्ञता व्यक्त करते हुए “एक धागा स्नेह का - फौजी भाइयों के नाम, बहनों का पैगाम” अभियान के तहत 5100 राखियां रक्षा मंत्री, रक्षा मंत्रालय, साउथ ब्लॉक, रायसीना हिल, नई दिल्ली, भारत सरकार को भेजी हैं।
क्लब की पूर्व भीलवाड़ा जिलाध्यक्ष श्रीमती कुसुम राकेश जागेटिया ने बताया कि देश की सीमाओं पर तैनात फौजी जवानों के प्रति सम्मान, प्रेम और कृतज्ञता व्यक्त करने के उद्देश्य से भीलवाड़ा जिला शाखा की ओर से यह राखियां भेजी गई हैं। उन्होंने बताया कि इन राखियों को सामान्य पोस्ट से भेजने पर भी 735 रुपये का डाक शुल्क लगा है।
क्लब की ओर से भारत सरकार से आग्रह किया गया है कि अगले वर्ष से पूरे देश में फौजी भाइयों को भेजी जाने वाली राखियों पर कहीं भी पोस्टल चार्जेज नहीं लगने चाहिए। इसके लिए आम व्यक्तियों में देशभक्ति की भावना को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आदेश जारी करने की मांग की गई है।
श्रीमती कुसुम राकेश जागेटिया ने बताया कि क्लब की राष्ट्रीय महासचिव श्रीमती अनिता डॉ. अशोक सोडाणी एवं राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती डॉ. सुमन सुरेश सोनी के नेतृत्व में अन्तर्राष्ट्रीय माहेश्वरी कपल क्लब, भारत की विभिन्न 133 जिला व नगर शाखाओं की बहनों की ओर से देश की सीमाओं पर तैनात वीर सैनिक भाइयों के लिए हजारों राखियां एवं स्नेह पत्र 10 अगस्त से नियमित रूप से सादर प्रेषित किए जा रहे हैं। अब तक इस अभियान के तहत 35 हजार से अधिक राखियां भेजी जा चुकी हैं और यह अभियान 20 अगस्त तक जारी रहेगा।
क्लब की पूर्व जिलाध्यक्ष श्रीमती कुसुम राकेश जागेटिया ने बताया कि 5100 राखियों के साथ रक्षा मंत्री को भेजे गए स्नेह पत्र में अनुरोध किया गया है कि इन राखियों को थल सेना, नौसेना एवं वायुसेना के वीर सैनिक भाइयों तक यथाशीघ्र पहुंचाने की व्यवस्था की जाए।
स्नेह पत्र में कहा गया है कि देशवासियों को अपने सैनिकों पर गर्व है, जो विषम परिस्थितियों में भी देश की रक्षा कर रहे हैं। क्लब की ओर से भेजी गई राखियों को सैनिकों के मनोबल को बढ़ाने के लिए एक छोटा सा प्रयास बताया गया है।