तस्वीर में चारभुजा धाम के धार्मिक आयोजन के दौरान सफेद कपड़ों और लाल टोपी में लोग नजर आ रहे हैं।   

गढ़बोर चारभुजा धाम में 19 से 21 सितंबर तक तीन दिवसीय धार्मिक आयोजन भक्ति, सेवा और श्रद्धा के वातावरण में सम्पन्न हुआ। श्री चारभुजा मित्र मंडल, भीलवाड़ा के नेतृत्व में रायला के गग्गड़ परिवार की ओर से होटल मेवाड़ (माधव), मांडवाड़ा टोल के पास आयोजित इस कार्यक्रम में भजन-कीर्तन, छप्पन भोग दर्शन, महाआरती और विशाल भंडारे सहित विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम हुए। भीलवाड़ा सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और भगवान श्री चारभुजा नाथ के दर्शन कर प्रसाद ग्रहण किया।

श्री चारभुजा मित्र मंडल, भीलवाड़ा के राहुल गग्गड़ व अर्चित मूंदड़ा ने बताया कि तीन दिवसीय आयोजन के दौरान प्रतिदिन ठाकुरजी का अलग-अलग श्रृंगार किया गया और विविध भोग लगाए गए। कार्यक्रम स्थल पर भगवान का दरबार आकर्षक ढंग से सजाया गया। भक्ति गीतों और जयकारों के बीच श्रद्धालु भाव-विभोर नजर आए। श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की।

आयोजन के तहत 20 सितंबर को दोपहर 1 बजे महाआरती के साथ भगवान श्री चारभुजा नाथ को छप्पन भोग अर्पित किया गया। विभिन्न प्रकार के व्यंजनों से सजे छप्पन भोग के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। महाआरती के दौरान चारभुजा नाथ के जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा। इसके बाद आयोजित विशाल भंडारे में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर धर्मलाभ लिया।

तीन दिवसीय आयोजन में अलग-अलग दिन भजन कार्यक्रम भी हुए। 19 सितंबर को भजन गायक पं. देवकीराम शास्त्री, 20 सितंबर को सिंगर सुनील गंधर्व तथा 21 सितंबर को गोवत्स दिव्याशु दाधीच ने भजनों की प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को भक्तिरस में डुबोया। वहीं जगदीश वैष्णव ने भी भजनों की प्रस्तुतियां दीं। भजन संध्या के दौरान श्रद्धालु देर तक भक्ति गीतों में रमते रहे और जयकारों से वातावरण गुंजायमान रहा।

धार्मिक आयोजन के साथ सेवा का भी विशेष स्वरूप देखने को मिला। श्री चारभुजा मित्र मंडल, भीलवाड़ा के संजय लाहोटी व विशाल बाहेती ने बताया कि कार्यकर्ताओं और सदस्यों ने पदयात्रियों की आवभगत के लिए व्यापक व्यवस्थाएं कीं। पदयात्रा के कारण थकान, जकड़न, मांसपेशियों में दर्द और पैरों में छाले जैसी समस्या से परेशान श्रद्धालुओं को फिजियोथैरेपी एवं प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया। फिजियोथैरेपी उपकरणों के माध्यम से बड़ी संख्या में पदयात्रियों को राहत दी गई।

इसके अलावा श्रद्धालुओं के लिए भोजन-प्रसाद, सोडा-शिकंजी, पानी-पताशे, चाय-कॉफी, इत्र-सुगंध तथा मेडिकल सुविधा की व्यवस्था की गई। पदयात्रियों के रात्रि विश्राम के लिए करीब 100 पलंग लगाए गए। आयोजकों के अनुसार तीन दिनों में करीब 15 हजार श्रद्धालुओं के प्रसाद की व्यवस्था की गई।

आयोजन की व्यवस्थाओं में श्री चारभुजा मित्र मंडल के पदाधिकारी, सदस्य और स्वयंसेवक लगातार जुटे रहे। श्रद्धालुओं की सुविधा से लेकर भोजन, चिकित्सा और विश्राम व्यवस्था तक कार्यकर्ताओं ने जिम्मेदारियां संभालीं। आयोजन के दौरान कैलाश कोठारी, अशोक बाहेती, अनिल बांगड़, राजेन्द्र कचोलिया, नारायणलाल लढ़ा, सुरेश कचोलिया, मनोहर अजमेरा, जितेंद्र मूंदड़ा, महापौर प्रतिनिधि भूपेंद्र सिंह राणावत, अजय मूंदड़ा (मामा), रौनक काष्ट, पिंटू मूंदड़ा, राजेन्द्र मालू, अंकित लखोटिया, कैलाश ईनाणी, सचिन काबरा, कमल सोनी, शिव चेचानी, रोहित गग्गड़, शशांक बिड़ला, अमित झंवर, मोहित गग्गड़, अनिल चौधरी, अशोक तोषनीवाल, मुकेश चेचानी, जगदीश लढ़ा सहित अनेक श्रद्धालुओं ने सेवाएं दीं।

आयोजक गग्गड़ परिवार (रायला) ने बताया कि आयोजन का उद्देश्य भगवान श्री चारभुजा नाथ के प्रति श्रद्धा अर्पित करने के साथ समाज में भक्ति, सेवा और सद्भाव की भावना को मजबूत करना रहा। तीन दिनों तक चले आयोजन में धार्मिक कार्यक्रमों के साथ पदयात्रियों और श्रद्धालुओं के लिए भोजन, चिकित्सा तथा विश्राम की व्यवस्थाएं भी की गईं, जिससे आयोजन का धार्मिक और सेवा पक्ष एक साथ सामने आया।

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