गंगापुर में स्वर्ण जयंती महोत्सव व नवरात्रि का शुभारंभ, निकली शोभायात्रा
गंगापुर में श्री बजरंग कीर्तन सांस्कृतिक कला मंडल के स्वर्ण जयंती व नवरात्रि महोत्सव पर भव्य शोभायात्रा निकाली गई। पंडित आनंद कृष्ण शास्त्री ने रामकथा का महत्व बताया।
गंगापुर में श्री बजरंग कीर्तन सांस्कृतिक कला मंडल के स्वर्ण जयंती व नवरात्रि महोत्सव पर निकली शोभायात्रा के दौरान शामिल श्रद्धालु और महंत श्यामसुंदर दास।
गंगापुर में बैंड-बाजे, घोड़ों और ढोल-नगाड़ों के साथ निकली भव्य शोभायात्रा के बीच श्री बजरंग कीर्तन सांस्कृतिक कला मंडल के स्वर्ण जयंती समारोह और दस दिवसीय नवरात्रि महोत्सव का शुभारंभ हुआ। मंडल के 50 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित इस धार्मिक महोत्सव में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। भक्ति और धार्मिक उत्साह से सराबोर शोभायात्रा ने नगर के विभिन्न मार्गों पर आकर्षक छटा बिखेरी।
गंगापुर, भीलवाड़ा। महंत श्यामसुंदर दास के सानिध्य में निकली शोभायात्रा नगर के विभिन्न मार्गों से होते हुए गौराजी वाटिका पहुंची। शोभायात्रा में बैंड-बाजे, घोड़ों और ढोल-नगाड़ों के साथ श्रद्धालु शामिल हुए। मंडल के 50 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित स्वर्ण जयंती समारोह को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। भक्तों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लेकर नवरात्रि महोत्सव के शुभारंभ को यादगार बनाया।
गौराजी वाटिका में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम के दौरान व्यास पीठ से कथा वाचक पंडित आनंद कृष्ण शास्त्री ने रामकथा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कलयुग में रामकथा का श्रवण मानव के लोक और परलोक को सुधारने का महत्वपूर्ण साधन है। गोस्वामी तुलसीदास जी ने भी रामकथा के महत्व को बताया है। प्रत्येक व्यक्ति को अपने मन को रामकथा का श्रवण करवाना चाहिए और भगवान श्रीराम के आदर्शों तथा चरित्र को अपने जीवन में उतारने का प्रयास करना चाहिए।
पंडित आनंद कृष्ण शास्त्री ने कहा कि सत्य और भगवान श्रीराम का नाम ही जीवन का वास्तविक आधार है, जबकि संसार की अन्य चीजें सपने के समान हैं। मनुष्य के सांसारिक संबंध समय के साथ छूट सकते हैं, लेकिन ईश्वर के साथ भक्ति का संबंध जन्म-जन्मांतर तक बना रहता है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में प्रभु भक्ति, सत्य और सदाचार को अपनाना चाहिए।
श्री बजरंग कीर्तन सांस्कृतिक कला मंडल की ओर से दस दिवसीय नवरात्रि महोत्सव के दौरान पंचतीर्थ मंदिर परिसर में प्रतिदिन आकर्षक धार्मिक झांकियों का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके साथ ही हरिकीर्तन के माध्यम से श्रद्धालुओं को भक्ति रस से सराबोर किया जाएगा। महोत्सव के दौरान आयोजित होने वाले धार्मिक कार्यक्रमों के जरिए क्षेत्र में आध्यात्मिक वातावरण बनाने और श्रद्धालुओं को भगवान की भक्ति से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
मंडल के स्वर्ण जयंती वर्ष में आयोजित यह दस दिवसीय महोत्सव धार्मिक आस्था, भक्ति और सांस्कृतिक परंपराओं का संगम बनेगा। भव्य शोभायात्रा के साथ शुरू हुए आयोजन में रामकथा, धार्मिक झांकियों और हरिकीर्तन के माध्यम से श्रद्धालुओं को भक्ति से जोड़ने की रूपरेखा तैयार की गई है। इस आयोजन को लेकर गंगापुर के श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है।