डिजिटल सखी कार्यक्रम से महिलाओं को मिलेगा डिजिटल उद्यमिता का नया मंच, भीलवाड़ा में हुआ शुभारंभ

भीलवाड़ा में डिजिटल सखी कार्यक्रम का शुभारंभ, महिलाओं को डिजिटल मार्केटिंग, जीएसटी, ऑनलाइन व्यापार और वित्तीय साक्षरता का मिलेगा प्रशिक्षण।

Update: 2026-07-28 07:52 GMT

तस्वीर में डिजिटल ईगल संस्थान के कक्ष में प्रशिक्षण के दौरान बैठी महिलाएं नजर आ रही हैं।

महिलाओं को डिजिटल युग के अनुरूप सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लघु उद्योग भारती महिला इकाई एवं आरकेआरसी माहेश्वरी महिला संगठन के संयुक्त तत्वावधान में ‘डिजिटल सखी’ कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस पहल का उद्देश्य विशेष रूप से उद्यमी एवं स्वरोजगार से जुड़ी महिलाओं को डिजिटल तकनीक से जोड़ना, उन्हें आधुनिक व्यावसायिक आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित करना तथा उनके व्यवसाय को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में सहयोग प्रदान करना है।

कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि ‘डिजिटल सखी’ के माध्यम से महिलाओं को डिजिटल साक्षरता, डिजिटल मार्केटिंग, सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग, ऑनलाइन उत्पादों के प्रचार-प्रसार, वित्तीय साक्षरता, जीएसटी की मूलभूत जानकारी, डिजिटल भुगतान प्रणाली, ऑनलाइन व्यापार प्रबंधन, ग्राहक संवाद, ब्रांड निर्माण तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। प्रशिक्षण के माध्यम से महिलाएं आधुनिक तकनीक के अनुरूप अपने व्यवसाय का संचालन अधिक प्रभावी ढंग से कर सकेंगी और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगी।

इस अवसर पर लघु उद्योग भारती महिला इकाई एवं आरकेआरसी माहेश्वरी महिला संगठन की अध्यक्ष श्रीमती पल्लवी लढा ने कहा कि वर्तमान समय पूरी तरह डिजिटल युग का है। यदि महिलाएं तकनीक को अपनाकर अपने व्यवसाय को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ती हैं तो वे स्थानीय बाजार तक सीमित रहने के बजाय राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान स्थापित कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि ‘डिजिटल सखी’ कार्यक्रम महिलाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का प्रभावी माध्यम साबित होगा।

कार्यक्रम के सफल संचालन में लघु उद्योग भारती महिला इकाई की सचिव डॉ. प्रियंका मेहता, आरकेआरसी माहेश्वरी महिला संगठन की सचिव रंजना बिड़ला, कार्यक्रम प्रभारी दीपशिखा शारदा, प्रिया कोठारी तथा रेखा ईनाणी का विशेष सहयोग रहा।

कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं ने इस पहल का स्वागत करते हुए नियमित रूप से प्रशिक्षण प्राप्त कर डिजिटल रूप से सक्षम बनने का संकल्प लिया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह अभियान न केवल महिलाओं की तकनीकी दक्षता बढ़ाएगा, बल्कि उनकी उद्यमिता, स्वरोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता को भी नई दिशा प्रदान करेगा।

डिजिटल ईगल संस्थान में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में संस्थान की निशा सोनी एवं संदीप पाराशर का भी विशेष सहयोग रहा। महिलाओं को डिजिटल तकनीक से जोड़ने की यह पहल उन्हें आधुनिक व्यावसायिक चुनौतियों के अनुरूप तैयार करने के साथ-साथ आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगी।

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