भीलवाड़ा में शादी के 4 महीने बाद बैंक कर्मी नवविवाहिता की संदिग्ध मौत, दहेज हत्या का मामला दर्ज

भीलवाड़ा में शादी के चार महीने बाद HDFC बैंक कर्मी अंजना पारीक की संदिग्ध मौत के मामले में पति समेत ससुराल पक्ष पर दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज, पुलिस ने जांच शुरू की।

Update: 2026-07-28 07:56 GMT

तस्वीर में भीलवाड़ा में महात्मा गांधी अस्पताल के बाहर प्रदर्शन करते हुए परिजन और ग्रामीण नजर आ रहे हैं।

भीलवाड़ा शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में शादी के महज चार महीने बाद एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। मृतका के पिता ने पति समेत ससुराल पक्ष के आधा दर्जन लोगों पर दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित करने और साक्ष्य मिटाने की नीयत से हत्या करने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

गांधी नगर, भीलवाड़ा निवासी प्रार्थी प्रदीप कुमार पारीक ने कोतवाली थाने में दी शिकायत में बताया कि उनकी पढ़ी-लिखी बेटी अंजना पारीक, जो HDFC बैंक में कार्यरत थी, का विवाह 21 फरवरी 2026 को शास्त्री नगर निवासी जयेश पारीक पुत्र आनंद स्वरूप पारीक के साथ हुआ था। शिकायत के अनुसार विवाह के समय उन्होंने अपनी हैसियत से बढ़कर स्त्रीधन और गहने दिए थे।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि शादी के बाद पहली बार ससुराल पहुंचने पर ही अंजना पारीक को ताने दिए जाने लगे। आरोप है कि पति जयेश पारीक, ससुर आनंद स्वरूप पारीक, सास कांता पारीक, जेठ बृजेश पारीक, जेठानी चिंकी पारीक, देवर अंकुर पारीक और ननद मोना पारीक मिलकर उसे कम दहेज लाने को लेकर शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे।

प्रार्थी के अनुसार ससुराल पक्ष अतिरिक्त दहेज के रूप में 10 लाख रुपये की एफडीआर (FDR) और एक कार की मांग कर रहा था। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि HDFC बैंक से मिलने वाले मृतका के 60,000 रुपये मासिक वेतन को भी पति अपने पास जमा कराने का दबाव बनाता था।

मृतका के पिता ने बताया कि 26 जुलाई को परिवार के रिश्तेदारों को समझाइश और मध्यस्थता के लिए ससुराल भेजा गया था। शिकायत के अनुसार रिश्तेदारों ने उनकी मांग पूरी करने का आश्वासन भी दिया, लेकिन आरोप है कि उसी रात दहेज की मांग को लेकर अंजना पारीक की निर्मम हत्या कर दी गई।

परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद ससुराल पक्ष ने मायके वालों को किसी प्रकार की सूचना नहीं दी। समाज के एक परिचित के माध्यम से अगले दिन सुबह जानकारी मिलने पर प्रदीप कुमार पारीक महात्मा गांधी अस्पताल पहुंचे, जहां मोर्चरी में उनकी पुत्री का शव मिला। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आरोपी साक्ष्य मिटाने का प्रयास कर रहे हैं तथा रिपोर्ट दर्ज कराने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकियां भी दे रहे हैं।

पीड़ित पिता ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि सभी आरोपियों के खिलाफ दहेज हत्या का प्रकरण दर्ज कर उन्हें शीघ्र गिरफ्तार किया जाए, मृतका का समस्त स्त्रीधन, जिसमें सोने-चांदी के गहने शामिल हैं, बरामद किए जाएं और दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाई जाए।

कोतवाली थाना प्रभारी हनुमान सिंह ने बताया कि शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। दूसरी ओर मृतका के परिजन और समाज के लोग आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर देर शाम तक मोर्चरी के बाहर विरोध प्रदर्शन करते रहे। इसके चलते शव का पोस्टमार्टम भी नहीं हो सका।

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