भीलवाड़ा में 5000 से अधिक नागरिकों ने प्रधानमंत्री मोदी को भेजे अंतर्देशीय पत्र, प्रसूताओं की मौत मामले में न्याय की मांग
भीलवाड़ा के महात्मा गांधी चिकित्सालय में प्रसूताओं की मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर सर्व समाज ने 5000 से अधिक अंतर्देशीय पत्र कार्ड प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजे। अभियान में निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई, पीड़ित परिवारों को न्याय और सरकारी चिकित्सा व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई गई।
तस्वीर में महात्मा गांधी चिकित्सालय भीलवाड़ा में प्रसूताओं की मौत के विरोध में आयोजित हस्ताक्षर अभियान और न्याय की मांगों से संबंधित एक पोस्टर दिखाई दे रहा है।
महात्मा गांधी चिकित्सालय, भीलवाड़ा में प्रसूताओं की हुई मौतों के मामले में पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने तथा सरकारी चिकित्सा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर रविवार को भीलवाड़ा के सूचना केंद्र चौराहा पर सर्व समाज की ओर से विशेष "अंतर्देशीय पत्र कार्ड हस्ताक्षर अभियान" आयोजित किया गया। शाम 4:00 बजे से 7:00 बजे तक चले इस अभियान में बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लेकर माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी से हस्तक्षेप करने की अपील की।
अभियान में प्रमुख रूप से रितेश गुर्जर, राघव कोठारी, पवन त्रिपाठी, बनवारी गाडरी, नरेश ओझा, सुरेश उपाध्याय, शिवलाल सुथार, देवदत्त पाराशर, हिमांशु सेन, रमेश धोबी, दीपेश खटीक, पीताम्बर उपाध्याय, चंद्रप्रकाश शर्मा, नवीन शर्मा, दीपक उपाध्याय, किशन सेन एवं हर्षित सेन सहित सर्व समाज के अनेक गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता, युवा एवं मातृशक्ति उपस्थित रहे।
अभियान को आमजन का व्यापक समर्थन मिला। आयोजन के दौरान 5000 से अधिक नागरिकों ने अंतर्देशीय पत्र कार्ड पर हस्ताक्षर कर माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र भाई मोदी जी से करबद्ध निवेदन किया कि महात्मा गांधी चिकित्सालय, भीलवाड़ा में हुई माताओं की मौत के मामले में पीड़ित परिवारों को शीघ्र न्याय दिलाया जाए, दोषियों के विरुद्ध कठोर एवं निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा सरकारी चिकित्सा व्यवस्था में आवश्यक सुधार किए जाएं।
अभियान के दौरान नागरिकों ने कहा कि पीड़ित परिवारों द्वारा पुलिस प्रशासन एवं जिला प्रशासन को शिकायतें दिए जाने के बावजूद अब तक न तो दोषियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है और न ही कोई प्रभावी कार्रवाई की गई है। उनका कहना था कि चिंता का विषय यह भी है कि आज दिनांक तक महात्मा गांधी चिकित्सालय प्रशासन द्वारा भी पूरे प्रकरण में कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। सर्व समाज की ओर से लगातार ज्ञापन, आंदोलन एवं न्याय की मांग किए जाने के बावजूद दोषियों के विरुद्ध कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाने से आमजन में गहरा आक्रोश एवं निराशा व्याप्त है।
स्थानीय प्रशासन एवं संबंधित विभागों से निराश होने के बाद अब सर्व समाज ने अपनी अंतिम उम्मीद माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र भाई मोदी जी से जताई है। इसी विश्वास के साथ हजारों नागरिकों ने अंतर्देशीय पत्र कार्ड लिखकर उनसे पूरे प्रकरण में हस्तक्षेप करने, पीड़ित परिवारों को शीघ्र न्याय दिलाने, दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा सरकारी चिकित्सा व्यवस्था में व्यापक सुधार करवाने का विनम्र आग्रह किया।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को भेजे गए अंतर्देशीय पत्र कार्डों में पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने, पीड़ित परिवारों को न्याय एवं उचित सहायता उपलब्ध कराने, महात्मा गांधी चिकित्सालय की चिकित्सा व्यवस्था का स्वतंत्र सुरक्षा ऑडिट कराने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्थायी सुधार लागू करने की मांग की गई है। यह अभियान प्रसूताओं की मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर सर्व समाज की ओर से चलाए जा रहे प्रयासों का महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है।