बिना ड्राफ्ट यूसीसी पर जनसुनवाई जनता के साथ छलावा: रामलाल जाट ने किया बहिष्कार का ऐलान
भीलवाड़ा देहात जिला कांग्रेस कमेटी ने यूसीसी पर बिना ड्राफ्ट जनसुनवाई को सरकार का राजनीतिक स्टंट बताते हुए बहिष्कार की चेतावनी दी है। पूर्व मंत्री रामलाल जाट ने इसे जनता की समस्याओं से ध्यान भटकाने वाला कदम करार दिया है।
तस्वीर में भीलवाड़ा देहात जिला कांग्रेस अध्यक्ष रामलाल जाट पारंपरिक साफा पहने हुए नजर आ रहे हैं।
भीलवाड़ा, 6 जुलाई। राजस्थान सरकार द्वारा समान नागरिक संहिता यानी यूसीसी के नाम पर बिना किसी आधिकारिक प्रारूप को सार्वजनिक किए जनसुनवाई आयोजित करने के फैसले का जिला कांग्रेस कमेटी भीलवाड़ा देहात ने कड़ा विरोध किया है। पूर्व मंत्री एवं देहात जिला अध्यक्ष रामलाल जाट ने इसे लोकतंत्र का मज़ाक करार देते हुए कहा कि सरकार बिना दूल्हे की बारात निकालने जैसा काम कर रही है, क्योंकि जब जनता के सामने कोई मसौदा ही नहीं है तो फिर राय किस बात पर ली जा रही है। रामलाल जाट ने राज्य सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए इसे प्रदेश की जनता की वास्तविक और ज्वलंत समस्याओं से ध्यान भटकाने वाला महज एक राजनीतिक स्टंट बताया है। उन्होंने कहा कि आज राजस्थान का हर वर्ग त्रस्त है, जिसमें किसान और ग्रामीण बिजली संकट, महंगे यूरिया-डीएपी और फसलों के सही दाम न मिलने से बेहाल हैं। वहीं आम जनता भीषण पेयजल संकट, अघोषित बिजली कटौती और कमरतोड़ महंगाई से जूझ रही है, जबकि युवा और महिलाएं पेपर लीक, बेरोजगारी और बदहाल कानून-व्यवस्था के कारण खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। रामलाल जाट ने सरकार को नसीहत देते हुए कहा कि यदि जनसुनवाई करनी ही है तो किसानों की कर्जमाफी, युवाओं के रोजगार, ग्रामीण क्षेत्रों में पानी-बिजली के संकट और बदहाल सड़कों जैसे बुनियादी मुद्दों पर चर्चा की जानी चाहिए, न कि बिना किसी कानूनी मसौदे के सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाले विषयों पर प्रशासनिक समय और संसाधनों की बर्बादी की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक यूसीसी का पूरा ड्राफ्ट सार्वजनिक नहीं किया जाता और समाज के हर वर्ग को उसके प्रावधानों को समझने का मौका नहीं मिलता, तब तक ऐसी कवायद का कोई कानूनी या लोकतांत्रिक महत्व नहीं है, क्योंकि राय स्पष्ट मसौदे पर ली जाती है न कि बंद लिफाफे पर। जिला कांग्रेस कमेटी भीलवाड़ा देहात ने सरकार से इस भ्रम फैलाने वाली जनसुनवाई के आदेश को तुरंत वापस लेने की मांग की है। रामलाल जाट ने दो टूक चेतावनी दी कि यदि सरकार ने बिना ड्राफ्ट सार्वजनिक किए इस जनसुनवाई को जबरन थोपने का प्रयास किया, तो कांग्रेस पार्टी इसका पूर्ण बहिष्कार करेगी और ग्रामीणों व किसानों के हक में सड़कों पर उतरकर लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराएगी।