मांडलगढ़ में अधिवक्ता पर जानलेवा हमला, आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो राजस्थानभर में कार्य बहिष्कार की चेतावनी

मांडलगढ़ न्यायालय परिसर के बाहर अधिवक्ता शराफत हुसैन आसाम पर हुए जानलेवा हमले के बाद भीलवाड़ा के अधिवक्ताओं में आक्रोश है। एफ़आईआर दर्ज होने के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर संपूर्ण राजस्थान में अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी गई है।

Update: 2026-07-04 14:50 GMT

भीलवाड़ा के एक अस्पताल के वार्ड में भर्ती घायल अधिवक्ता को देखते हुए चिकित्सक और पुलिसकर्मी।

भीलवाड़ा। मांडलगढ़ न्यायालय परिसर के बाहर अधिवक्ता शराफत हुसैन आसाम पर हुए जानलेवा हमले के विरोध में जिले के अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश देखने को मिला। बार काउंसिल ऑफ इंडिया के को-चेयरमैन सुरेशचंद्र श्रीमाली, जिला अभिभाषक संस्था (भीलवाड़ा) के अध्यक्ष उम्मेदसिंह राठौड़ तथा मांडलगढ़ बार अध्यक्ष ओमप्रकाश पालीवाल के संयुक्त नेतृत्व में अधिवक्ताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर नामजद आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, अधिवक्ता शराफत हुसैन आसाम न्यायालय परिसर के बाहर परिवाद टाइप करवाने के बाद कोर्ट के अंदर जा रहे थे। इसी दौरान पूर्व नियोजित साजिश के तहत घात लगाकर बैठे पीरू मोहम्मद, रईस मोहम्मद और रेहान मोहम्मद ने उन्हें रोक लिया। बताया गया कि अधिवक्ता द्वारा विपक्षी पक्ष की ओर से पैरवी किए जाने को लेकर आरोपी उनसे रंजिश रखते थे।

आरोप है कि तीनों अभियुक्तों ने अधिवक्ता शराफत हुसैन की गर्दन पर धारदार हथियार (दांतली) से जानलेवा वार किया। मौके पर मौजूद अधिवक्ता सुरेंद्र सिंह राजावत, देवेंद्र पोरवाल और नितिन सारस्वत ने तत्परता दिखाते हुए बीच-बचाव किया, जिससे उनकी जान बच गई। अन्यथा कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी। इस हमले में अधिवक्ता के हाथों पर गंभीर चोटें आई हैं।

घटना के बाद मांडलगढ़ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ओमप्रकाश पालीवाल के नेतृत्व में मांडलगढ़ थानाधिकारी और पुलिस उपाधीक्षक को लिखित रिपोर्ट दी गई। इस रिपोर्ट के आधार पर मुकदमा नंबर 174/2026 दर्ज किया जा चुका है। हालांकि अधिवक्ताओं का आरोप है कि एफ़आईआर दर्ज होने के बावजूद अब तक किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया है, जिससे अधिवक्ताओं में असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।

जिला अभिभाषक संस्था ने पुलिस अधीक्षक को दिए ज्ञापन में स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सभी नामजद अभियुक्तों को शीघ्र गिरफ्तार नहीं किया गया तो इसके विरोध में संपूर्ण राजस्थान के अधिवक्ता अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार पर चले जाएंगे। संस्था ने कहा कि ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों की समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला अभिभाषक संस्था के उपाध्यक्ष महिपाल सिंह राणावत, महासचिव पंकज दाधीच, राजेंद्र कचोलिया, राजेश शर्मा, ओमप्रकाश तेली, पीरू सिंह गौड़, कमल काष्ट सहित मांडलगढ़ बार के उपाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह राजावत, पीड़ित अधिवक्ता शराफत हुसैन, देवेंद्र कुमार पोरवाल, सत्यनारायण जीनगर, संजय खटीक, संदीप कुमार शर्मा, राकेश कुमार चौहान, चंद्रप्रकाश तम्बोली और शिव प्रकाश वैष्णव सहित बड़ी संख्या में अधिवक्तागण उपस्थित रहे। अधिवक्ताओं ने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग दोहराते हुए स्पष्ट किया कि कार्रवाई में देरी होने पर आंदोलन को प्रदेशव्यापी स्तर पर आगे बढ़ाया जाएगा।

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