भीलवाड़ा: सांगानेरी गेट से 2 बच्चे लापता, तलाश में 300 CCTV खंगाले
माणिक्यनगर से लापता दिव्यांशू और रजत का 3 दिन बाद भी सुराग नहीं, पुलिस ने मांडलगढ़ और कोटड़ी तक बढ़ाया सर्च ऑपरेशन।
तस्वीर में भीलवाड़ा से लापता दो बच्चे दिव्यांशू सोनी और रजत जाट दिखाई दे रहे हैं।
भीलवाड़ा शहर के माणिक्यनगर मालियों का बड़ा मंदिर क्षेत्र से दो 10 वर्षीय बच्चे लापता हुए तीन दिन बीत चुके हैं। 4 अक्टूबर की सुबह करीब 11 से 12 बजे के बीच दोनों घर से खेलने के लिए निकले थे, लेकिन इसके बाद उनका कोई सुराग नहीं मिला। बच्चों के अचानक गायब होने से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे लगातार उनके लौटने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
लापता बच्चों की पहचान दिव्यांशू सोनी उर्फ डुग्गू (10) पुत्र हेमंत सोनी और रजत जाट उर्फ भुंगड़ा (10) के रूप में हुई है। थाना प्रभारी सुनील चौधरी के अनुसार, बच्चों की तलाश के लिए पुलिस की चार विशेष टीमें जुटी हुई हैं। पुलिस ने शहर के अलग-अलग इलाकों में अब तक करीब 250 से 300 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली है, लेकिन अभी तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है।
जांच के दौरान सामने आई एक सीसीटीवी फुटेज में दोनों बच्चे सांगानेरी गेट के पास एक अन्य तीसरे बच्चे के साथ साइकिल चलाते हुए दिखाई दिए थे। पुलिस इसी फुटेज के आधार पर बच्चों की अंतिम लोकेशन और उनके संभावित रूट का पता लगाने की कोशिश कर रही है। हालांकि, जांच आगे बढ़ने के बावजूद बच्चों का पता नहीं चल सका है।
बच्चों की तलाश का दायरा अब भीलवाड़ा शहर से बाहर तक बढ़ाया गया है। मंगलवार को पुलिस की टीमें कोटड़ी और मांडलगढ़ क्षेत्रों तक पहुंचीं। मंदिरों, सार्वजनिक पार्कों, रेलवे स्टेशनों और बस स्टैंड्स पर बच्चों की तस्वीरें दिखाकर तलाश की गई, लेकिन कहीं से भी दोनों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली।
बच्चों के लापता होने के बाद पुलिस ने प्रदेशभर में भी तलाश का दायरा बढ़ाया है। सभी थाना प्रभारियों को बच्चों की गुमशुदगी और तलाश के संबंध में आधिकारिक सूचना भेजी गई है। पुलिस अलग-अलग स्तर पर बच्चों की तलाश में जुटी हुई है।
परिजनों ने रविवार देर रात थाने पहुंचकर दोनों मासूमों की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। इसके बाद से पुलिस लगातार उनकी तलाश में जुटी है। तीन दिन बीतने के बावजूद बच्चों का सुराग नहीं मिलने से परिजनों की चिंता बढ़ती जा रही है। दिनदहाड़े शहर से दो 10 वर्षीय बच्चों के इस तरह लापता होने से उनके परिवारों की निगाहें अब हर संभावित सुराग पर टिकी हैं।