रामद्वारा धाम में 13 सितंबर से विराट श्रीमद्भागवत एवं वाणीजी प्रवचन सप्ताह, 108 मूल पाठ का आयोजन
भीलवाड़ा के माणिक्यनगर रामद्वारा धाम में 13 से 20 सितंबर तक विराट श्रीमद्भागवत एवं वाणीजी प्रवचन सप्ताह होगा। 108 वेदपाठी विद्वान 108 मूल भागवत का पाठ करेंगे, वहीं 25 से 27 सितंबर तक विशेष आयोजन होंगे।
तस्वीर में भीलवाड़ा के रामद्वारा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रवचन देते हुए स्वामी श्रीरामदयालजी महाराज नजर आ रहे हैं।
भीलवाड़ा में स्वामी रामचरणजी महाराज की पावन भूमि माणिक्यनगर रामद्वारा में अन्तरराष्ट्रीय रामस्नेही सम्प्रदाय शाहपुरा के पीठाघीश्वर जगतगुरू आचार्य स्वामी श्रीरामदयालजी महाराज के सानिध्य में ‘‘विश्व शांति कल्याण’’ चातुर्मास के तहत 13 से 20 सितम्बर तक विराट श्रीमद् भागवत एवं वाणीजी प्रवचन सप्ताह का आयोजन होगा। विश्व शांति एवं कल्याण की भावना से होने वाले इस आयोजन में 108 भागवत मूल पाठ का ऐतिहासिक आयोजन भी होगा।
आयोजन के दौरान पुष्कर से आने वाले 108 वेदपाठी विद्वान भागवत का मूल पाठ करेंगे। इन 108 भागवत का पूजन 108 यजमान परिवार करेंगे। सप्ताह के दौरान प्रतिदिन सुबह 8.30 से 10.30 बजे तक एवं दोपहर 2 से 4 बजे तक श्रीमद् भागवत कथा होगी। वहीं सुबह 10.30 से 11.30 बजे तक एवं शाम 4 से 5 बजे तक श्रीवाणीजी का प्रवचन होगा। वाणीजी का प्रवचन आचार्य श्री रामदयालजी महाराज के मुखारबिंद से होगा, जबकि श्रीमद् भागवत कथा का वाचन संत मनोरथराम रामजी राम मचलाना करेंगे।
जो साधक भागवत पूजन के लिए यजमान बनने के इच्छुक हैं, वे चातुर्मास समिति से संपर्क कर सकते हैं। श्रीमद् भागवत सप्ताह का समापन समारोह 20 सितम्बर को होगा। आयोजन को लेकर चातुर्मास समिति द्वारा व्यापक तैयारियां की जा रही हैं।
आचार्य श्री रामदयालजी महाराज ने दैनिक सत्संग में कहा कि जीवन में साधना संकल्पबद्धता एवं दृढ़ता से होनी चाहिए। ज्ञानी वही होता है जो घबराता नहीं, बल्कि परिस्थितियों से समझौता कर लेता है। उन्होंने कहा कि संकल्प करने पर जीवन की हर मनोकामना पूर्ण हो सकती है और भजन भी कर सकते हैं। भगवान का भक्त नामानुरागी होता है और उसका आत्मसंकल्प मजबूत होता है।
आचार्यश्री ने कहा कि जिस पर राम की कृपा हो जाए, उसे किसी तरह की फिक्र नहीं होती है। मन संकल्पित हो तो जीवन सफल हो जाता है। मानव भव मिलना दुर्लभ होता है और भक्ति से ही इसे सार्थक और सफल बनाया जा सकता है।
आचार्यश्री से पूर्व अन्तरराष्ट्रीय रामस्नेही सम्प्रदाय के प्रखर वक्ता संत मनोरथरामजी आलोट ने मानस प्रवचन किया। प्रवचन के विश्राम पर श्रद्धालुओं द्वारा आचार्यश्री रामदयालजी महाराज की आरती की गई। सत्संग में भीलवाड़ा सहित विभिन्न स्थानों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
रामद्वारा में प्रतिदिन रामधुनी के साथ सुबह 8.30 से 9 बजे तक वाणीजी का पाठ हो रहा है। सूर्यास्त के समय संध्या आरती और रामस्नेही सम्प्रदाय के युवा संत रामजस ईडर द्वारा भक्तमाल की कथा में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
आचार्य रामदयाल महाराज के अवतरण दिवस के उपलक्ष्य में चातुर्मास के तहत 25 से 27 सितम्बर तक तीन दिवसीय विशेष आयोजन भी होंगे। 25 सितम्बर को संध्या आरती के बाद सार्वजनिक सामूहिक भक्ति संध्या का आयोजन होगा। इसमें सम्प्रदाय की परम्परा के भजन भक्तजनों द्वारा सामूहिक रूप से गाए जाएंगे।
26 सितम्बर को सत्संग के साथ ही आचार्यश्री के अवतरण दिवस पर आनंदोत्सव का भव्य दिव्य आयोजन किया जाएगा। 27 सितम्बर को संत सम्मेलन होगा, जिसमें विभिन्न स्थानों से संत पधारकर अपना प्रवचन एवं मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।
इसी तरह 27 सितम्बर को श्राद्ध पक्ष प्रारंभ होने के साथ ही पूरे एक पखवाड़े वाणीजी के पाठ का भव्य आयोजन होगा। इस दौरान रामद्वारा में सैकड़ों भक्त श्रद्धा एवं आस्था के साथ सामूहिक वाणीजी का पाठ करेंगे। चातुर्मास के दौरान होने वाले ये आयोजन श्रीमद्भागवत, वाणीजी पाठ, सत्संग, संत सम्मेलन और सामूहिक भक्ति कार्यक्रमों के माध्यम से श्रद्धालुओं की भागीदारी का प्रमुख केंद्र बनेंगे।