भीलवाड़ा: सेक्टर-6 में पेयजल समस्या को लेकर PHED को सौंपा ज्ञापन

भीलवाड़ा के चंद्रशेखर आजाद नगर सेक्टर-6 में पुरानी पाइपलाइन के कारण हो रही पानी की किल्लत, निवासियों ने समस्या समाधान की मांग की।

Update: 2026-06-02 14:15 GMT

भीलवाड़ा के चंद्रशेखर आजाद नगर सेक्टर-6 के निवासी पेयजल समस्या के समाधान की मांग को लेकर PHED के अधिशाषी अभियंता को ज्ञापन सौंपते हुए।

भीलवाड़ा, 02 जून। भीषण गर्मी के इस दौर में शहर के चन्द्रशेखर आजाद नगर सेक्टर-6 के निवासी बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। क्षेत्र में लंबे समय से व्याप्त गंभीर पेयजल समस्या के त्वरित समाधान की मांग को लेकर निवासियों ने जनसेवक सत्यवीर सिंह राठौड़ के नेतृत्व में सार्वजनिक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) के अधिशाषी अभियंता को ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन के माध्यम से अधिकारियों को अवगत कराया गया कि सेक्टर-6 में जलापूर्ति नाममात्र की हो रही है। क्षेत्र की मौजूदा पाइपलाइन अत्यंत पुरानी एवं जर्जर हो चुकी है, जिसके परिणामस्वरूप पानी का पर्याप्त दबाव नहीं बन पा रहा है। इस तकनीकी खामी के कारण अधिकांश घरों तक सुचारू रूप से पेयजल नहीं पहुंच पा रहा है, जिससे चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी में स्थानीय निवासियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

क्षेत्रवासियों ने विभागीय अधिकारियों से मांग की है कि सेक्टर-6 की जर्जर पाइपलाइन को तत्काल प्रभाव से बदला जाए और उसके स्थान पर नई पाइपलाइन बिछाई जाए, ताकि आमजन को नियमित एवं पर्याप्त पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। इस अवसर पर जनसेवक सत्यवीर सिंह राठौड़ ने कहा कि पेयजल प्रत्येक नागरिक का मूल अधिकार है और इस प्रकार की जनहित से जुड़ी समस्याओं का निराकरण प्राथमिकता के आधार पर होना चाहिए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को चेतावनी देते हुए क्षेत्रवासियों को शीघ्र राहत प्रदान करने की मांग की।

इस ज्ञापन के दौरान यश कुमार श्रीवास्तव, राजेन्द्र सिंह रागेड़, प्रेम देवी, उर्मिला मिश्रा, श्यामपुरी, अनिल प्रजापत, सुनील नुवेचा, बाला कंवर, जय प्रकाश मोदी, रामप्रकाश कुमावत, महेन्द्र सिंह, रेणु शर्मा, राहुल पारीक, मुकेश शर्मा, सुनीता मराठा, नीलम समदानी, रिंकी पाल, हेमलता जोशी, मानदेवी जैन, हुंसा गोखरू एवं गुड्डी प्रजापत सहित क्षेत्र के अनेक निवासी उपस्थित रहे। ज्ञापन सौंपने वाले क्षेत्रवासियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि पेयजल समस्या का समाधान शीघ्र नहीं किया गया, तो उन्हें जनहित में व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।

Similar News