भीलवाड़ा: SH-39A पर बने अवैध स्पीड ब्रेकर बने हादसों का सबब, ग्रामीणों में आक्रोश

भीलवाड़ा के हुरडा से बनेड़ा तक बनी सड़क पर ठेकेदार द्वारा मनमाने ढंग से बनाए गए ऊंचे स्पीड ब्रेकरों से वाहन चालक और स्थानीय निवासी परेशान हैं।

Update: 2026-06-02 07:50 GMT

भीलवाड़ा जिले के शाहपुरा-बनेड़ा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत हुरडा से बनेड़ा तक बनी 55 किलोमीटर लंबी स्टेट हाईवे 39ए सड़क, जो केंद्र एवं राज्य सरकार की 127 करोड़ रुपये की लागत से क्षेत्रवासियों को सुगम यातायात उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाई गई थी, वर्तमान में प्रशासनिक उदासीनता और ठेकेदार की तानाशाही के कारण हादसों का सबब बन गई है। इस पीपीपी मोड पर निर्मित सड़क मार्ग पर ठेकेदार राजेश चौधरी द्वारा नियम विरुद्ध और मनमाने ढंग से बनाए गए ऊंचे स्पीड ब्रेकर आमजन के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं।

आगूचा, बराटिया, डाबला, भटेड़ा, जाताल और उपरेड़ा जैसे गांवों से गुजरने वाली इस सड़क पर प्रत्येक गांव में पांच से छह स्थान पर लगभग एक-एक फीट ऊंचे स्पीड ब्रेकर बना दिए गए हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि निर्माण के दौरान जब क्षेत्रवासियों ने आपत्तियां जताई थीं, तब ठेकेदार राजेश चौधरी ने कथित तौर पर अपनी पहुंच का रौब दिखाते हुए किसी की भी बात अनसुनी कर दी और तानाशाही अपनाते हुए इन खतरनाक ब्रेकरों का निर्माण कर दिया। अत्यधिक ऊंचाई के कारण चार पहिया वाहनों के चेसिस इन ब्रेकरों से टकराते हैं, जिससे वाहन क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। वहीं, दुपहिया वाहन चालकों के लिए भी ये ब्रेकर हर समय दुर्घटना का डर पैदा कर रहे हैं।

विशेषकर रात्रि के समय, जब सड़क पर रोशनी का अभाव होता है, ये अव्यवस्थित ब्रेकर वाहन चालकों को दिखाई नहीं देते, जिससे आए दिन गंभीर दुर्घटनाएं हो रही हैं। स्थिति इतनी भयावह है कि इस मार्ग पर बने हुए अतिरिक्त स्पीड ब्रेकरों के कारण अब वाहन चालकों ने अन्य वैकल्पिक मार्गों से आवागमन करना शुरू कर दिया है। विदित रहे कि पिछले वर्ष इसी मार्ग पर बनेड़ा उपखंड की तत्कालीन उपखंड अधिकारी निरमा बिश्नोई भी उपरेड़ा बाईपास पर चोटिल हो चुकी हैं, जबकि स्थानीय निवासियों सहित अनेक राहगीर अब तक इन हादसों का शिकार हो चुके हैं।

हैरानी की बात यह है कि आगूचा और उपरेड़ा में पहले से ही बाईपास की सुविधा उपलब्ध है, बावजूद इसके मुख्य मार्ग पर बेतरतीब स्पीड ब्रेकर का जाल बिछाया गया है। पीड़ित मुबारक हुसैन मंसूरी (उपरेड़ा) ने बताया कि इस संबंध में उपखंड अधिकारी बनेड़ा, जिला कलेक्टर भीलवाड़ा एवं स्टेट हाईवे अथॉरिटी अजमेर के अधिकारियों को बार-बार शिकायतें प्रेषित की गई हैं, लेकिन आज तक समस्या जस की तस बनी हुई है। क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि तत्काल प्रभाव से इन नियम विरुद्ध और खतरनाक स्पीड ब्रेकरों को हटाया जाए और यदि कहीं आवश्यकता हो, तो सरकारी नियमों के अनुसार मानक डामर के स्पीड ब्रेकर बनाए जाएं ताकि क्षेत्र की जनता को इन जानलेवा बाधाओं से राहत मिल सके।

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