भीलवाड़ा में सदर थाना प्रभारी लोकपाल सिंह सरकारी क्वार्टर में गोली लगने से घायल मिले, जांच में जुटी पुलिस
भीलवाड़ा के सदर थाना प्रभारी लोकपाल सिंह सरकारी क्वार्टर में गोली लगने से घायल मिले। फोरेंसिक जांच जारी है, जबकि पुलिस ने अभी तक आधिकारिक बयान जारी नहीं किया।
तस्वीर में सदर थाना प्रभारी लोकपाल सिंह को अस्पताल परिसर में पुलिसकर्मियों की मौजूदगी के बीच उपचार के लिए ले जाया जा रहा है।
भीलवाड़ा में सदर थाना प्रभारी लोकपाल सिंह अपने सरकारी क्वार्टर में संदिग्ध परिस्थितियों में खून से लथपथ घायल मिले, जिससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही थाने में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और पुलिसकर्मी तत्काल उन्हें महात्मा गांधी अस्पताल के ट्रॉमा वार्ड लेकर पहुंचे।
डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें तत्काल हायर सेंटर रेफर कर दिया। फिलहाल उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
घटना की जानकारी मिलते ही जिला पुलिस अधीक्षक सागर राणा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश आर्य, डीएसपी सिटी सज्जन सिंह और डीएसपी सदर नेमीचंद चौधरी सहित विभिन्न थानों का पुलिस जाब्ता महात्मा गांधी अस्पताल पहुंच गया। अस्पताल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और पूरे क्षेत्र में पुलिस की मौजूदगी बढ़ा दी गई।
मामले में देर रात तक पुलिस के किसी भी वरिष्ठ अधिकारी ने आधिकारिक रूप से कोई बयान जारी नहीं किया। अधिकारियों की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने के कारण घटना को लेकर विभिन्न तरह की चर्चाएं और अटकलें जारी रहीं। घायल थाना प्रभारी लोकपाल सिंह बेहोशी की हालत में होने के कारण उनका बयान भी दर्ज नहीं किया जा सका।
सरकारी क्वार्टर के भीतर हुई इस घटना को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि मामला हादसे का है, किसी आत्मघाती कदम का है या इसके पीछे किसी अन्य साजिश की आशंका है। इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए पुलिस जांच आगे बढ़ा रही है।
घटनास्थल पर फोरेंसिक टीम और पुलिस के विशेष दल ने पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। सरकारी क्वार्टर से फिंगरप्रिंट्स सहित अन्य तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं ताकि घटना के कारणों का पता लगाया जा सके।
लोकपाल सिंह इससे पहले भीलवाड़ा जिले के बिजौलिया और जहाजपुर जैसे संवेदनशील थानों में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। हाल ही में उन्हें सदर थाना प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। अब इस पूरे मामले में पुलिस की आधिकारिक जांच और बयान का इंतजार किया जा रहा है, जिससे घटना की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकें।