भीलवाड़ा में रेलवे बैरिकेडिंग से ग्रामीणों की बढ़ी मुश्किलें, अंडरपास निर्माण की मांग लेकर कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
भीलवाड़ा के गठीला क्षेत्र में रेलवे बैरिकेडिंग से ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित हो गया है। अंडरपास निर्माण की मांग को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया।
तस्वीर में भीलवाड़ा के गठीला ग्राम पंचायत क्षेत्र के ग्रामीण और बच्चे रेलवे ट्रैक पर बैरिकेडिंग से आवागमन बाधित होने के विरोध में प्रदर्शन करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
भीलवाड़ा के गठीला ग्राम पंचायत और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों ने रेलवे ट्रैक पर की गई बैरिकेडिंग के कारण आवागमन में आ रही गंभीर समस्याओं को लेकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर रेलवे अंडरपास निर्माण की स्वीकृति दिलाने की मांग उठाई है। ग्रामीणों का कहना है कि बैरिकेडिंग के बाद क्षेत्र के लोगों के सामने रोजमर्रा के आवागमन से जुड़ी बड़ी परेशानी खड़ी हो गई है।
ज्ञापन में बताया गया है कि गठीला ग्राम पंचायत में ब्रांडेड शोरूम के पीछे स्थित श्रवण नगर का पुराना मार्ग मण्डपिया-चित्तौड़ औद्योगिक क्षेत्र को जोड़ता है। बीड का खेड़ा, माछोपुर, भोली सहित अन्य छोटे-छोटे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए यही मुख्य और एकमात्र आवागमन का रास्ता है।
ग्रामीणों के अनुसार रेलवे ने सुरक्षा और पशुओं के बचाव के उद्देश्य से रेलवे ट्रैक के किनारे लोहे की चादरों की बैरिकेडिंग का निर्माण कराया है। इसके साथ ही नई रेलवे लाइन बिछाने की प्रक्रिया भी जारी है। उनका कहना है कि सुरक्षा की दृष्टि से यह कदम उचित है, लेकिन अंडरपास नहीं होने के कारण स्थानीय लोगों की आवाजाही गंभीर रूप से प्रभावित हो गई है।
ग्रामीणों ने बताया कि मण्डपिया और गठीलाखेड़ा स्थित विद्यालयों में पढ़ने वाले छोटे-छोटे स्कूली बच्चे आज भी पैदल रेलवे पटरी पार करने को मजबूर हैं। वहीं आपातकालीन परिस्थितियों में एम्बुलेंस और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने में भी भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी हुई है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि ब्रांडेड शोरूम के समीप स्थित श्रवण नगर में लगभग 150 परिवार निवास करते हैं, जिनका प्रतिदिन इसी मार्ग से आवागमन होता है। बैरिकेडिंग के बाद इन परिवारों के सामने आवागमन की समस्या और अधिक गंभीर हो गई है।
जिला प्रभारी राजकुमार मालावत और जिला संयोजक राजकुमार बागरिया के नेतृत्व में ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर से आग्रह किया कि वे इस जनसमस्या की ओर भारत सरकार के रेल मंत्रालय का ध्यान आकर्षित कर जल्द से जल्द इस स्थान पर रेलवे अंडरपास निर्माण की स्वीकृति दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करें। ग्रामीणों का कहना है कि अंडरपास बनने से क्षेत्र के हजारों लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सकेगी।