तस्वीर में शाहपुरा स्थित अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश न्यायालय का भवन और उसका बाहरी हिस्सा दिखाई दे रहा है।

भीलवाड़ा। वर्ष 2023 के बहुचर्चित वृद्धा नंदूदेवी हत्याकांड में शाहपुरा न्यायालय ने आरोपित शक्ति सिंह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, शाहपुरा सानिया हाशमी ने सरदारपुरा गांव में खेत पर काम करने गई वृद्धा की हत्या कर चांदी के कड़े लूटने के मामले में यह फैसला सुनाया।

मामला फूलियाकलां थाना क्षेत्र के सरदारपुरा गांव का है। अपर लोक अभियोजक हितेष शर्मा ने बताया कि मृतका नंदू देवी के सरदारपुरा निवासी पौत्र भेरूलाल कीर ने वर्ष 2023 में फूलियाकलां थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार नंदू देवी प्रतिदिन की तरह सरदारपुरा स्थित नाहरसागर बांध के पेटे में नहर के पास अपने खेत पर काम करने गई थीं। देर रात तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की।

अगले दिन खोजबीन के दौरान नहर के पास खून के धब्बे मिले। इसके बाद नहर से नंदू देवी का शव बरामद हुआ। उनके हाथों में पहने हुए चांदी के कड़े भी गायब थे। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने धारा 302, 201 और 392 आईपीसी के तहत मामला दर्ज कर अनुसंधान किया।

पुलिस ने मामले में सरदारपुरा निवासी आरोपी शक्ति सिंह पुत्र भगवत सिंह को गिरफ्तार किया। तफ्तीश पूरी करने के बाद उसके खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया गया।

अपर सेशन न्यायालय में चले विचारण के दौरान अपर लोक अभियोजक हितेष शर्मा ने अभियोजन पक्ष की ओर से प्रभावी पैरवी की। अदालत में 21 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए और 47 महत्वपूर्ण दस्तावेजी साक्ष्य प्रदर्शित किए गए। मौखिक और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने आरोपित शक्ति सिंह को हत्या और लूट का दोषी माना।

अदालत ने हत्या के जुर्म में शक्ति सिंह को आजीवन कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया। लूट के मामले में उसे दस वर्ष के कठोर कारावास और 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। वहीं सबूत मिटाने के जुर्म में सात वर्ष के साधारण कारावास और दस हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया गया। इस तरह वर्ष 2023 के वृद्धा नंदूदेवी हत्याकांड में न्यायालय ने आरोपित को हत्या, लूट और सबूत मिटाने के अपराधों में दंडित किया।

Tags: