भीलवाड़ा में बाल विवाह के सामाजिक दंश के बीच एक नाबालिग किशोरी की ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। करीब डेढ़ वर्ष पूर्व बाल्य अवस्था में ब्याही गई किशोरी की मौत के बाद उसके पिता ने ससुराल पक्ष पर मानसिक प्रताड़ना देकर हत्या करने का आरोप लगाया है। मामले की जांच एसडीएम कर रहे हैं।

पुलिस में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, आसींद थाना क्षेत्र के बाबू लाल ने बताया कि उनकी नाबालिग पुत्री का विवाह लगभग एक-डेढ़ साल पहले मांडल थाना क्षेत्र के किशन के साथ हुआ था। बालिका के नाबालिग होने के कारण वह अपने पिता के घर ही रह रही थी। आरोप है कि 27 सितंबर 2026 की शाम किशन बिना परिवार की सहमति और जानकारी के नाबालिग पत्नी को बहला-फुसलाकर अपने गांव ले गया।

इसके बाद लड़की के भाई को उसके फोन पर ससुर ने सूचना दी कि उसकी बहन बीमार है और उसे अस्पताल ले जाना है। परिजन दोपहर करीब 2:30 बजे बहन के ससुराल पहुंचे। वहां वह कमरे में बिस्तर पर लेटी थी और उसे बिस्तर ओढ़ा रखा था। परिजनों ने उससे बात करने की कोशिश की, लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया। कड़ाई से पूछताछ करने पर ससुर ने बताया कि उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है।

परिजन अचेत अवस्था में नाबालिग विवाहिता को तत्काल मांडल अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मृतका के पिता ने शंका जताई कि पति किशन लाल, ससुर और सास ने उनकी नाबालिग बेटी पर दबाव बनाकर और परेशान कर उसकी हत्या की है।

घटना की सूचना पर मांडल पुलिस ने धारा 196 बी.एन.एस.एस. के तहत मर्ग दर्ज कर जांच शुरू कर दी। मामले की अग्रिम जांच मांडल उपखंड अधिकारी के जिम्मे सौंपी गई है। पुलिस ने मृतका का पोस्टमार्टम करवाकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

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