तस्वीर में भीलवाड़ा के चित्रकूटधाम में ज्ञान गंगा महोत्सव के दौरान पंडाल में बैठे हुए सर्व समाज के हजारों श्रद्धालु नजर आ रहे हैं।

मोक्ष सप्तमी के अवसर पर बुधवार को भीलवाड़ा में पहली बार भगवान पार्श्वनाथ की भव्य मंगल रथयात्रा निकाली जाएगी। आचार्य पुलकसागर महाराज ससंघ के सानिध्य में होने वाली इस रथयात्रा में सकल दिगम्बर जैन समाज के साथ सर्व समाज की भागीदारी रहेगी। ज्ञान गंगा महोत्सव में मंगलवार को राष्ट्र संत मनोज्ञाचार्य पुलकसागर महाराज ने जीवन में क्रोध के कारण और उसके प्रभावों पर प्रवचन देते हुए कहा कि जीवन को सुखी बनाना है तो कभी आवेश में आकर कोई फैसला नहीं करना चाहिए। आवेश में लिए गए निर्णय दुःखदायी होते हैं और क्रोध में अच्छे शब्दों की हत्या हो जाती है।

उन्होंने कहा कि व्यक्ति को नियम बनाना चाहिए कि किसी भी परिस्थिति या हालात में गुस्से का जवाब तुरंत नहीं देना है। क्रोध तात्कालिक पागलपन है। इसे थोड़ा वक्त दिया जाए तो इसके पंचर होने में अधिक समय नहीं लगेगा। आचार्य पुलकसागर महाराज ने कहा कि जिस घर में गुरु की पूजा होती है, किसी तरह की कलह नहीं होती और वाणी में सभ्यता व समझदारी होती है, वहां सदा लक्ष्मी का वास होता है और ऐसे घर से लक्ष्मी कभी लौटती नहीं है। नोटों की गड्डी को नहीं, घर के सुख-चैन को ही लक्ष्मी कहा जाता है।

भीलवाड़ा में पहली बार चातुर्मास कर रहे आचार्य पुलकसागर महाराज ने ये विचार श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर ट्रस्ट, मेन सेक्टर शास्त्रीनगर के तत्वावधान में सकल दिगम्बर जैन समाज की ओर से चित्रकूटधाम में आयोजित ज्ञान गंगा महोत्सव में मंगलवार को व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि जीवन में गुस्सा हर प्राणी को आता है। पहले संयुक्त परिवार होने से एक व्यक्ति को गुस्सा आता था तो दूसरा उसे पुचकार कर संभाल लेता था, लेकिन अब छोटे परिवारों में गुस्से में संभालने वाला कोई नहीं मिलता। बच्चे कुछ पल में झगड़ा भूल जाते हैं और बड़े एक बार लड़ने पर जिंदगी भर बात नहीं करते। कितना अच्छा हो कि आदमी जिंदगी भर बच्चा बना रहे। जिंदगी एडजस्टमेंट का नाम है, जो कल लेता है उसका जीवन खुशियों से भर जाएगा।



 




ज्ञान गंगा महोत्सव में बुधवार को भक्ति का नया इतिहास रचा जाएगा। मोक्ष सप्तमी पर श्री पार्श्वनाथ भगवान मोक्ष कल्याण महोत्सव दिवस के अवसर पर तीन लोक के नाथ की भव्य मंगल रथयात्रा आचार्य पुलकसागर महाराज ससंघ के सानिध्य में निकाली जाएगी। परमात्मा प्रभु के निर्वाण महोत्सव पर निकलने वाली इस रथयात्रा में सड़कों पर इन्द्रलोक जैसा नजारा उपस्थित होगा।

चातुर्मास समिति के अध्यक्ष प्रवीण चौधरी ने बताया कि सकल दिगम्बर जैन समाज एवं चातुर्मास समिति के तत्वावधान में सुबह 7.30 बजे सूर्यमहल से मंगल रथयात्रा निकलेगी। इसमें शामिल होने के लिए शास्त्रीनगर स्थित पार्श्वनाथ मंदिर से श्रीजी भगवान रथ में सूर्यमहल पहुंचेंगे। उत्तरप्रदेश के बड़ोत से आए पांच एरावत हाथियों के साथ श्रीजी के रथ के आगे 10 हाथी चलेंगे। रथयात्रा में सात विशेष झांकियां सजाई जाएंगी।

रथयात्रा में सबसे आगे सौधर्म इन्द्र व इन्द्राणी बग्गियों में सवार होकर चलेंगे। श्राविकाएं ध्वज, डोली, ढोल और मंजीरे लेकर शामिल होंगी। भीलवाड़ा के महिला मंडलों एवं श्रावकों द्वारा सम्मेद शिखर की जीवंत वंदना की जाएगी। रथयात्रा बड़ला चौराहा, राजीव गांधी सर्किल और नेताजी सुभाष मार्केट होते हुए कार्यक्रम स्थल चित्रकूटधाम पहुंचेगी। यहां 40 फीट लंबी और 12 फीट ऊंची विशाल सम्मेद शिखर की झांकी बनाई जाएगी। इस अवसर पर 23 पुण्यार्जक परिवारों द्वारा 23 निर्वाण लड्डू भगवान पार्श्वनाथ को चढ़ाए जाएंगे।

आचार्य पुलकसागर महाराज ने कहा कि जीवन में क्रोध कभी अकेले नहीं, बल्कि पूरे परिवार के साथ आता है। क्रोध का परिवार तोड़ दिया तो परिवार खुशहाल हो जाएगा। उन्होंने कहा कि क्रोध की मां अपेक्षा है तो पिता घमंड है। क्रोध की पत्नी हिंसा है, जबकि जुड़वा बच्चे बैर और विरोध हैं। जिद उसकी बहन है। ये सभी मिलकर परिवार को बर्बाद करें, उससे पहले क्रोध का परिवार बिखेर देना चाहिए।

आचार्यश्री ने कहा कि घरों में अधिकतर झगड़े भूतकाल या भविष्य को लेकर होते हैं, वर्तमान को लेकर झगड़े नहीं होते। भविष्य हमारे हाथ में नहीं है और भूतकाल हाथ से निकल चुका है। ऐसे में जो वर्तमान को सुधार लेता है, वह वर्धमान हो जाया करता है। भविष्य के प्रति ज्यादा नहीं सोचना चाहिए और भूत के प्रति ज्यादा चिंतन नहीं करना चाहिए। हम काल्पनिक या अतीत की बातों पर झगड़ते हैं। भूत और भविष्य को हटा दें तो घर में खुशियां आने में ज्यादा समय नहीं लगेगा। उन्होंने कहा कि सहनशीलता से बड़ी समता दुनिया में कोई नहीं होती। इससे जीते जी घर स्वर्ग बन जाएगा।

प्रवचन के प्रारंभ में दीप प्रज्वलन, पाद प्रक्षालन एवं शास्त्र भेंट का सौभाग्य सुशीलकुमार, सुनील लौकेन्द्र जैन परिवार ने प्राप्त किया। अतिथियों का स्वागत श्री पुलकसागर चातुर्मास समिति के अध्यक्ष प्रवीण चौधरी, संयोजक मनीष शाह और सह संयोजक लोकेश अजमेरा ने किया। श्री पद्म प्रभु महिला मंडल बापूनगर की सदस्यों ने मंगलाचरण की प्रस्तुति दी। संचालन चातुर्मास समिति के महामंत्री जयकुमार पाटनी ने किया।

ज्ञान की गंगा में डुबकी लगाने के लिए भीलवाड़ा के विभिन्न क्षेत्रों से सर्व समाज के हजारों लोग पहुंचे। मोक्ष सप्तमी पर होने वाली भव्य मंगल रथयात्रा और निर्वाण महोत्सव के आयोजन को लेकर ज्ञान गंगा महोत्सव में धार्मिक उत्साह और श्रद्धा का माहौल बना हुआ है।

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