माहेश्वरी समाज में 45% लड़कियों के अविवाहित रहने की चिंता, समय पर विवाह का आह्वान
भीलवाड़ा में माहेश्वरी समाज ने विवाह, परिवार और सामाजिक संतुलन पर चर्चा की, 45% अविवाहित लड़कियों की रिपोर्ट पर जताई चिंता।
तस्वीर में भीलवाड़ा के गीता भवन सभागार में आयोजित 'चर्चा चाय पर' कार्यक्रम के दौरान कप पकड़े बैठे चार लोग नजर आ रहे हैं, जिनके आगे 'IMCC INDIA' का बैनर रखा हुआ है।
भीलवाड़ा में अंतर्राष्ट्रीय माहेश्वरी कपल क्लब, भारत (IMCC INDIA) की ओर से परिवार और सामाजिक संतुलन को लेकर वैचारिक चर्चा आयोजित की गई। गीता भवन सभागार स्थित क्लब के भीलवाड़ा राष्ट्रीय कार्यालय में आयोजित “चर्चा चाय पर” कार्यक्रम में बदलते समय में परिवार और सामाजिक संतुलन विषय पर चर्चा हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता क्लब की राष्ट्रीय महासचिव श्रीमती अनिता डॉ. अशोक सोडाणी ने की, जबकि राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती डॉ. सुमन सुरेश सोनी मुख्य अतिथि रहीं।
कार्यक्रम में हालिया अंतर्राष्ट्रीय सर्वेक्षण और लोकमत में प्रकाशित रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया गया कि अगले 6 वर्षों में विश्व की लगभग 45% लड़कियां अविवाहित रह जाएंगी। इस आंकड़े को देश के सभी समाजों के लिए खतरे की घंटी बताते हुए परिवार और सामाजिक संरचना पर इसके संभावित प्रभावों को लेकर चिंता व्यक्त की गई।
चर्चा में कहा गया कि आज की पीढ़ी उच्च शिक्षा और आत्मनिर्भरता को प्राथमिकता दे रही है, जिसके चलते विवाह, मातृत्व और परिवार को “प्रगति में बाधा” माना जाने लगा है। कार्यक्रम में कहा गया कि स्वतंत्रता अच्छी है, लेकिन जब जड़ें ही कमजोर हों तो पेड़ कैसे बचेगा?
एक अन्य चिंता “एक बच्चा, खाली गली, मिटती पीढ़ियां” के रूप में सामने रखी गई। चर्चा में कहा गया कि 20 साल में विवाह होने पर एक सदी में 5 पीढ़ियां और 30 साल में विवाह होने पर केवल 3 पीढ़ियां रह जाएंगी। “सिर्फ एक बच्चा” की सोच से ताऊ, चाचा, बुआ, मामा और मौसी जैसे रक्त के रिश्ते खत्म होने की आशंका जताई गई। इससे मोहल्लों के वीरान होने और घरों में बच्चों की किलकारियों की जगह सन्नाटा होने की बात कही गई।
कार्यक्रम में देर से विवाह को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई। चर्चा के दौरान कहा गया कि 35 साल तक कुंवारे लड़के-लड़कियां, देर से विवाह और उसके बाद तलाक की स्थिति अकेलेपन, डिप्रेशन और टूटते परिवारों का कारण बन सकती है। इसके साथ ही समय पर नौकरी और विवाह न होने की स्थिति का उल्लेख करते हुए वृद्धावस्था में सहारा देने वाला कोई नहीं होने की चिंता भी सामने रखी गई।
अंतर्राष्ट्रीय माहेश्वरी कपल क्लब ने स्पष्ट आह्वान किया, “जागो माहेश्वरी जागो।” क्लब की ओर से कहा गया कि उसका किसी से विरोध नहीं है, लेकिन भविष्य की स्थिरता के लिए यह चेतावनी है।
कार्यक्रम में समाधान के सूत्र के तौर पर लड़कियों का विवाह 23-25 वर्ष में और लड़कों का 26 वर्ष से पहले करने की बात कही गई। साथ ही कैरियर के साथ संस्कार, शिक्षा के साथ जिम्मेदारी और आत्मनिर्भरता के साथ परिवार को सच्ची प्रगति का आधार बताया गया।
क्लब के पदाधिकारियों ने संकल्प लिया कि सदस्य घर-घर जाकर “समय पर विवाह” की अलख जगाएंगे। कार्यक्रम में कहा गया कि परिवार नहीं बचा तो समाज देर-सवेर ध्वस्त हो जाएगा।
कार्यक्रम के अंत में क्लब की पूर्व जिलाध्यक्ष श्रीमती कान्ता बी.एल. मेलाणा ने सभी का स्वागत एवं आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय पदाधिकारी और समाज के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।