राजस्थान प्रदेश सैनी-माली महासभा के प्रांतीय अधिवेशन में राजनीतिक भागीदारी पर जोर, कई प्रस्तावों पर मंथन
पुष्कर में सैनी-माली महासभा के प्रांतीय अधिवेशन में राजनीतिक भागीदारी, शिक्षा और समाज के हकों से जुड़े प्रस्तावों पर महत्वपूर्ण मंथन हुआ।
तस्वीर में पुष्कर में आयोजित प्रांतीय अधिवेशन के दौरान माली (सैनी) महासभा के पदाधिकारी और अतिथि नजर आ रहे हैं।
राजस्थान प्रदेश माली (सैनी) महासभा रजि. का प्रांतीय अधिवेशन पुष्कर स्थित होटल न्यू पार्क में महासभा के प्रदेश अध्यक्ष ताराचंद गहलोत की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। अधिवेशन में राजस्थान के सभी जिलों से जिला अध्यक्ष, प्रदेश पदाधिकारी और प्रतिनिधि शामिल हुए। इस दौरान समाज के सामाजिक, शैक्षणिक और राजनीतिक विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
महासभा के जिलाध्यक्ष भैरूलाल माली ने बताया कि अधिवेशन का शुभारंभ महात्मा ज्योतिबा फुले एवं माता सावित्रीबाई फुले के चित्र के समक्ष पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इसके बाद महासभा के महामंत्री (संगठन) भवानी शंकर माली ने अधिवेशन का एजेंडा प्रस्तुत किया। उन्होंने विभिन्न प्रस्तावों और आगामी कार्ययोजना की विस्तार से जानकारी दी।
महासभा के प्रदेश अध्यक्ष ताराचंद गहलोत ने कहा कि आगामी स्थानीय निकाय एवं पंचायत चुनावों में समाज के अधिक से अधिक योग्य एवं समर्पित प्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के साथ उनकी जीत के लिए समाज को एकजुट होकर प्रयास करना होगा। उन्होंने कहा कि राजनीतिक भागीदारी के बिना समाज के हितों की प्रभावी पैरवी संभव नहीं है।
अधिवेशन के मुख्य अतिथि उदयपुरवाटी विधायक भगवाना राम सैनी ने कहा कि राजनीति में समाज की उचित एवं प्रभावी भागीदारी बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सैनी समाज के उम्मीदवारों को आगामी चुनावों में सभी 36 कौमों को साथ लेकर व्यापक जनसमर्थन हासिल करना चाहिए तथा अधिक से अधिक संख्या में जीतकर जनप्रतिनिधित्व मजबूत करना चाहिए।
महासभा के प्रदेश महामंत्री गोपाल लाल माली ने आरोप लगाया कि ओबीसी आयोग की रिपोर्ट में माली-सैनी समाज की जनसंख्या को कम दर्शाया गया है। उन्होंने कहा कि महासभा इसका पुरजोर विरोध करेगी। उन्होंने सरकार से महात्मा ज्योतिबा फुले बोर्ड एवं लव-कुश बोर्ड को शीघ्र पुनः शुरू करने और उनके अध्यक्षों की नियुक्ति करने की मांग की।
पुष्कर में आयोजित प्रांतीय अधिवेशन में भीलवाड़ा से सैकड़ों कार्यकर्ता कई छोटे-बड़े वाहनों से प्रदेश महामंत्री गोपाल लाल माली एवं जिलाध्यक्ष भैरूलाल माली के नेतृत्व में पहुंचे। इनमें प्रदेश मंत्री हरनारायण माली, जिला महामंत्री सत्यनारायण, संगठन मंत्री सुखदेव माली, जिला मंत्री मुरलीधर सैनी, माण्डल तहसील अध्यक्ष बंशीलाल माली, रायला अध्यक्ष जीवराज माली, शाहपुरा तहसील अध्यक्ष मांगीलाल व विनोद माली, नानूराम गोयल, हरदेव माली, कालू माली, शंकर लाल गोयल, लालाराम माली, कन्हैयालाल गहलोत, माली सैनी कर्मचारी संस्था के अध्यक्ष तोताराम सांखला और महासभा के युवा जिलाध्यक्ष उदयलाल माली सहित भीलवाड़ा जिले से कई पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
अधिवेशन में सभी ने एकजुट होकर समाज की एकजुटता और संगठन को और अधिक मजबूत करने के साथ शिक्षा, राजनीतिक भागीदारी एवं सामाजिक विकास के क्षेत्र में प्रभावी ढंग से कार्य करने का संकल्प लिया। अधिवेशन में रखे गए प्रस्तावों और आगामी कार्ययोजना के जरिए समाज की राजनीतिक भागीदारी, शिक्षा तथा सामाजिक विकास को लेकर संगठनात्मक प्रयासों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।