तस्वीर में भीलवाड़ा के चित्रकूटधाम में आयोजित ज्ञान गंगा महोत्सव में प्रवचन सुनने के लिए बैठे हुए बड़ी संख्या में श्रद्धालु दिखाई दे रहे हैं।

भीलवाड़ा में राष्ट्र संत मनोज्ञाचार्य पुलकसागर महाराज के चातुर्मास के तहत जिस ज्ञान गंगा महोत्सव का श्रद्धालुओं को इंतजार था, उसका आगाज स्वाधीनता दिवस पर राष्ट्रभक्ति के संदेश के साथ होगा। श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर ट्रस्ट, मैन सेक्टर शास्त्रीनगर के तत्वावधान में सकल दिगम्बर जैन समाज की ओर से पहली बार भीलवाड़ा में चातुर्मास कर रहे आचार्य पुलकसागरजी महाराज ससंघ के सानिध्य में सर्व समाज के लिए ज्ञान गंगा महोत्सव शनिवार को स्वाधीनता दिवस के अवसर पर नगर निगम के चित्रकूटधाम में दोपहर 2 बजे से शुरू होगा।

आयोजन को लेकर श्री पुलकसागर चातुर्मास समिति ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। महोत्सव की शुरुआत आचार्य पुलकसागरजी महाराज के राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत संदेश के साथ होगी। श्री पुलकसागर चातुर्मास समिति के अध्यक्ष प्रवीण चौधरी ने बताया कि गुरुदेव द्वारा देशभक्ति का संदेश देने के साथ ज्ञान गंगा महोत्सव का भव्य आगाज किया जाएगा। आयोजन में विभिन्न संगठनों की ओर से राष्ट्रभक्ति के रंगों से ओतप्रोत सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी जाएंगी।

30 अगस्त तक चलने वाले इस महोत्सव में भीलवाड़ा के साथ राजस्थान और देश के विभिन्न क्षेत्रों से प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु आचार्यश्री के मुखारबिंद से प्रवचन सुनने उमड़ेंगे। प्रथम दिन का आयोजन दोपहर 2 बजे से होगा। इसके बाद 16 अगस्त से प्रतिदिन सुबह 8.30 से 10 बजे तक प्रवचन होंगे। महोत्सव के तहत 19 अगस्त को मोक्ष सप्तमी और 28 अगस्त को रक्षाबंधन पर विशेष आयोजन होंगे।



 





आचार्य पुलकसागर महाराज ने शनिवार सुबह सूर्यमहल में धर्म संदेश प्रदान करते हुए कहा कि व्यक्ति, समाज और धर्म से भी बड़ा राष्ट्र है, इसलिए ज्ञान गंगा महोत्सव का प्रारंभ राष्ट्रभक्ति से होगा। उन्होंने कहा कि सर्व समाज और जन-जन के लिए होने वाली इस व्याख्यानमाला में किसी पंथ या सम्प्रदाय की दीवार नहीं होगी। जो भी आएगा, वह राष्ट्र, धर्म और जीवन को बेहतर बनाने की प्रेरणा लेकर जाएगा।

आचार्य पुलकसागर महाराज ने कहा कि सद्व्यवहार, संस्कार और मानवीय मूल्यों के माध्यम से भारत को महान बनाने का संकल्प लेना होगा। ज्ञान गंगा महोत्सव किसी धर्म या समाज के लिए नहीं, बल्कि जन-जन के लिए होगा। वहां जो भी आएगा, वह किसी धर्म या जाति का नहीं होकर मात्र सत्संग प्रेमी होगा।

उन्होंने कहा कि जीवन को सार्थक बनाना है तो जो समय मिला है, उसमें अधिकाधिक भगवान का नाम जपते रहो और नवकार महामंत्र का स्मरण करते रहो, पापों का नाश स्वतः हो जाएगा। जब तक धर्म से नहीं जुड़ेंगे और जिनवाणी को आत्मसात नहीं करेंगे, हमारा आत्मकल्याण नहीं हो पाएगा।

चातुर्मास समिति के संयोजक मनीष शाह ने बताया कि प्रवचन के शुरू में दीप प्रज्वलन, पाद प्रक्षालन एवं शास्त्र भेंट का सौभाग्य श्रीमती चंचलदेवी, पदमचंद, सुनील अनिल गदिया परिवार ने प्राप्त किया।

चातुर्मास समिति के सह संयोजक लोकेश अजमेरा ने बताया कि स्वाधीनता दिवस पर सूर्यमहल में सुबह 8.30 से 10 बजे तक प्रवचन होंगे। शाम 7 से 8 बजे तक आनंद यात्रा एवं आरती का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें शहर के विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु शामिल होकर लाभ प्राप्त कर रहे हैं। इस तरह ज्ञान गंगा महोत्सव का शुभारंभ राष्ट्रभक्ति के संदेश के साथ होगा और 30 अगस्त तक सर्व समाज के लिए आध्यात्मिक एवं जीवनोपयोगी प्रवचन जारी रहेंगे।

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